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कर्नाटक: इंदिरा कैंटीन का नाम बदला तो सावरकर ब्रिज पर कालिख पोत देंगे, कांग्रेस नेता हरिप्रसाद की चेतावनी

Tue, 10 Aug 2021 04:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 10 Aug 2021 04:46 PM IST
सार

सिद्धारमैया ने कहा कि इंदिरा कैंटीन के नाम में बदलाव की मांग कुछ और नहीं, बल्कि प्रतिशोध की राजनीति है। भाजपा नेताओं के नाम पर भी बहुत सारे कार्यक्रम चल रहे हैं। क्या हमने उन नामों को बदलने की मांग की थी?

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Karnataka: If Indira Canteen is renamed, then, well blacken signboards of Savarkar Bridge, warns Congress leader Hariprasad
BK hariprasad

विस्तार

खेल रत्न पुरस्कारों के नाम बदलने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस आमने सामने हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। इस बीच कर्नाटक के भाजपा नेता सीटी रवि ने राज्य की इंदिरा कैंटीन का नाम बदलकर अन्नपुर्णेश्वरी कैंटीन की मांग कर डाली। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उधर, कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने चेतावनी दी है कि यदि इंदिरा कैंटीन का नाम बदला तो हम सावरकर व दीनदयाल ब्रिज पर कालिख पोत देंगे। 
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सिद्धारमैया ने कहा कि इंदिरा कैंटीन के नाम में बदलाव की मांग कुछ और नहीं, बल्कि प्रतिशोध की राजनीति है। भाजपा नेताओं के नाम पर भी बहुत सारे कार्यक्रम चल रहे हैं। क्या हमने उन नामों को बदलने की मांग की थी? दीन दयाल उपाध्याय फ्लाईओवर, अटल बिहारी वाजपेयी कार्यक्रम, अहमदाबाद में मोदी के नाम पर स्टेडियम और दिल्ली में अरुण जेटली स्टेडियम है। क्या हमें उन नामों को बदलने की मांग करनी चाहिए? खेल रत्न में राजीव गांधी का नाम था। वे इसे क्यों बदलना चाहते थे? पीएम जवाब दें।
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हरिप्रसाद ने चेतावनी दी है कि यदि इंदिरा कैंटीन का नाम बदला तो हम सावरकर ब्रिज और पं. दीनदयाल उपाध्याय ब्रिज की नामपट्टिका पर कालिख पोत देंगे। उन्होंने कहा कि इंदिरा कैंटीन का नाम बदलना उचित नहीं है, क्योंकि स्व. इंदिरा गांधी ने हमेशा गरीबों के लिए काम किया था। 
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6 अगस्त को बदला खेल रत्न का नाम

इससे पहले 6 अगस्त को भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न से बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी घोषणा की थी। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था, 'देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद!'

देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान
खेल रत्न अवॉर्ड देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान है। पहली बार यह पुरस्कार 1991-92 में दिया गया था। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
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