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अयोध्या मामले की समीक्षा का फैसला दोहरे मानदंड का परिचायक : श्रीश्री रविशंकर
Sun, 01 Dec 2019 08:26 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 01 Dec 2019 08:26 PM IST
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Sri Sri Ravi Shankar (File Photo)
- फोटो : Social Media
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आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड और जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद की ओर से अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की समीक्षा का फैसला दोहरे मानदंड का परिचायक है।
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हिंदुओं और मुस्लिमों को अब इस मसले से ऊपर उठ कर अर्थव्यवस्था मजबूत करने में जुट जाना चाहिए। ध्यान रहे कि श्री श्री सुप्रीम कोर्ट की ओर से अयोध्या मसले पर गठित मध्यस्थता समिति के भी सदस्य रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर एक पक्ष विवादित स्थल पर मस्जिद बनाने पर नहीं अड़ा होता तो यह मुद्दा कब का सुलझ गया होता।
श्री श्री ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता जताई और कहा कि वे तो वर्ष 2003 से ही दोनों समुदायों से यही कहते रहे हैं कि एक तरफ मंदिर बना लें और दूसरी तरफ मस्जिद, लेकिन यह जिद बेमतलब थी कि मस्जिद वहीं बनाना है।
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