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कहीं AMU में बवाल के पीछे दो लाख का इनामी शूटर मुनीर तो नहीं?

Wed, 27 Apr 2016 04:37 AM IST
अभिषेक शर्मा/अमर उजाला, अलीगढ़
अभिषेक शर्मा/अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Wed, 27 Apr 2016 04:37 AM IST
सार

  • कई नामजद मुनीर, अतीउल्ला और आशुतोष के कॉमन फ्रेंड रहे 
  • अंदेशा कि घटना के बाद कहीं मुनीर की तरह गायब न हों यह 
  • आलमगीर की हत्या के बाद हुए धरने से भी दूर से यह आरोपी 

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shooter muneer connection in amu violence
AMU में बवाल - फोटो : amar ujala bureau

विस्तार

एएमयू में बवाल के बाद सक्रिय एजेंसियों का फोकस बवाल की हकीकत जानने के साथ-साथ तंजील हत्याकांड में वांछित दो लाख का इनामी शूटर मुनीर भी है। इसके पीछे की कई ऐसी हकीकत हैं, जिनके चलते बलवाइयों के मुनीर से कनेक्शन पर एजेंसियां काम कर रही हैं और संदेह जता रही हैं कि इन नामजदों में से कुछ मुनीर की तरह ही गायब न हो जाएं।
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फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई बात बाहर नहीं आ रही। मगर अंदरखाने की मानें तो इस बवाल में शामिल कुछ आरोपी व नामजद मुनीर, अतीउल्ला और आशुतोष के कॉमन फ्रेंड भी रहे हैं। इसलिए इन आरोपियों व मुनीर के कनेक्शन पर ज्यादा काम हो रहा है।
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सूत्रों के अनुसार अब तक के संकेतों से साफ है कि रविवार रात एएमयू में जो कुछ हुआ, वह अचानक नहीं। इसके लिए लंबे समय से अंदरखाने मौका तलाशा जा रहा था। मगर सटीक मौका न मिलने के कारण बल्वाई चुप्पी साधे हुए थे। रविवार रात मोहसिन से मामूली झगड़े के बाद गाजीपुर कैंप ने यूनियन हॉल पर एकत्रित होकर छात्रों की भीड़ जुटाई और इसके बाद यह लोग प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे।
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हालांकि इस दौरान हाबी गाजीपुर कैंप था। मगर अचानक गाजीपुर कैंप के महताब की हत्या हो गई। इसके बाद ऐसे लोग नामजद हुए, जिनमें से तमाम के संभल, आजमगढ़ और मुनीर कैंप से रिश्ते हैं। बस कहानी में आए इस मोड़ पर एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इसी बीच प्रॉक्टर के इस बयान कि उन्हें तमंचा लेकर छात्र तलाश रहे थे ने भी एजेंसियों का रुख इसी दिशा में मोड़ दिया है। वहीं एक बात यह भी सामने आई है कि आलमगीर की हत्या के बाद कुछ छात्र गुटों ने धरना दिया। उस धरने के दौरान भी माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई। मगर उस समय माहौल बिगड़ता तो नुकसान मुनीर कैंप को ही होता।

इसलिए मुनीर समर्थकों ने उस धरने से दूरी बनाई और अचानक मुनीर की दहशत में उस धरने को खत्म कराया गया। इस बात की चर्चा उस समय से लेकर आज तक कैंपस में जोरों पर है और लोग बताते हैं कि किस तरह मुनीर की दहशत में धरना खत्म हुआ। अब जब तंजील कांड में मुनीर का नाम आने के बाद कैंपस में माहौल बनने बिगड़ने लगा और अचानक घटना हो गई।

अंदेशा है कि यह घटना ध्यान भटकाने का भी एक मकसद रहा होगा। कुल मिलाकर यही वजह हैं कि इस घटना के नामजदों के मुनीर से कनेक्शन जुड़ रहे हैं और लोकल पुलिस के साथ-साथ एजेंसियां, एसटीएफ, एटीएस की टीमें भी इस घटना के नामजदों पर काम कर रही हैं। उनका मकसद है कि शायद इन नामजदों की मदद से वह मुनीर तक पहुंच सकें। अंदेशा है कि इस घटना की खबर किसी न किसी तरह से मुनीर तक पहुंचाई जाएगी।

एसआईटी की जांच तेज, आगरा से आई फॉरेंसिक वैन

shooter muneer connection in amu violence
एएमयू
एएमयू में बवाल और दो पूर्व छात्रों की हत्या के चौथे दिन कैंपस में खामोशी कायम रही। मगर अभी पुलिस-पीएसी व आरएएफ की तैनाती बरकरार है। पुलिस बल हर स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। इधर, जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपना काम तेज कर दिया है। मंगलवार शाम आगरा से स्पेशल फॉरेंसिक वैन को बुलाया गया, जिसने सभी अग्निकांड स्थलों पर पहुंचकर साक्ष्य संकलित करते हुए सैंपल लिए।

इन्हें परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। साथ ही विवेचक दल ने विवेनाओं का आवंटन होने के साथ नक्शे आदि बनाने का काम भी पूरा कर लिया है। वहीं गिरफ्तारी दल द्वारा लगातार दबिश दी जा रही हैं। कुछ टीमें गैरजनपदों में हैं तो कुछ स्थानीय स्तर पर टोह लेने में लगी हुई हैं।

एएमयू में अग्निकांड, फायरिंग आदि को लेकर घटनास्थल पर सोमवार को भी स्थानीय फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए थे। मगर मंगलवार को आगरा से आई स्पेशल वैन के साथ विवेचकों के दल ने सभी घटनास्थलों पर क्राइम सीन को री-क्रियेट करते हुए यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस तरफ से गोली चली होगी और किस तरह से आग लगाई गई होगी।

इस दौरान फॉरेंसिक वैन व विवेचक दल ने प्रॉक्टर कार्यालय, मुमताज हॉल में मोहसिन का कमरा, गेस्ट हाउस, डीएसडब्ल्यू आदि में पहुंचकर यह प्रक्रिया अपनाई। साक्ष्य संकलन का काम देर शाम तक चला। इसके बाद रात में इस जांच दल के कोआर्डिनेटर एसपी क्राइम पीके तिवारी के स्तर से विवेचकों के साथ दिन भर के काम की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विवेचनाओं को लेकर टिप्स दिए जाएंगे।

इधर, गिरफ्तारी दल के स्तर से भी दबिश देना शुरू कर दिया गया है। कुछ टीमें तो गैरजनपदों में रात रवाना होने के बाद वहां डेरा जमाए हुए हैं तो कुछ टीमें स्थानीय स्तर पर मुखबिरी व जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस का पहला फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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