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केरल निकाय चुनाव: अपने गढ़ में कांग्रेस की हार पर शशि थरूर ने भाजपा को दी बधाई; क्या बदल रही है सियासी बयार?

Sat, 13 Dec 2025 05:57 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: लव गौर Updated Sat, 13 Dec 2025 05:57 PM IST
सार

Shashi Tharoor News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर सियासी गलियारों में चर्चा के केंद्र में हैं। केरल स्थानीय निकाय चुनावों में जहां कांग्रेस-नीत यूडीएफ की जीत पर उन्होंने खुशी जताई, वहीं अपनी ही संसदीय सीट तिरुवनंतपुरम में भाजपा की सफलता पर सार्वजनिक रूप से बधाई देकर थरूर ने राजनीतिक संदेश भी दे दिया। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र की खूबसूरती' करार दिया और भाजपा को मिले जनादेश को ऐतिहासिक बताया।

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Shashi Tharoor Post to BJP on victory in Thiruvananthapuram civic body poll indicate his closeness to modi-bjp
तिरुवनंतपुरम निकाय चुनाव में भाजपा की जीत पर शशि थरूर ने दी बधाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के मिजाज बीते कुछ वक्त से बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। पार्टी आलाकमान की बैठकों से दूरी और भाजपा से नजदीकी इस बात की तस्दीक है कि थरूर के मन के अंदर कुछ तो चल रहा है। एक दिन पहले जहां उन्होंने कोलकाता के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस लोकसभा सांसदों की बैठक छोड़ दी। तो इससे पहले थरूर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में से भी नदारद रहे, जहां पार्टी की शीतकालीन सत्र की रणनीति पर चर्चा होनी थी। वहीं अब अपने लोकसभा क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर विरोधी दल को बधाई देना भी चर्चा का विषय बन चुका है। 
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केरल स्थानीय निकाय चुनाव के परिणामों के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम चर्चा का विषय बना गया है। कारण है थरूर के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की बढ़त, जिससे कांग्रेस के लिए मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण बन गया है। ताजा अपडेट के अनुसार तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों के आए नतीजों में भाजपा समर्थित एनडीए ने 50 सीटों पर कब्जा जमाया है।
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तिरुवनंतपुरम नगर निगम के परिणाम भाजपा की थरूर के गढ़ में बड़ी सेंध मारी है। इधर, केरल की राजनीति में शुरू हुए नए अध्याय पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुश हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिले जनादेश पर पीएम मोदी ने खुशी जताई है। अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने इसे केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़ बताया।
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'थैंक यू तिरुवनंतपुरम...', पीएम मोदी का पोस्ट 
प्रधानमंत्री ने लिखा 'केरल के उन सभी लोगों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है। उन्हें भरोसा है कि सुशासन देने और सभी के लिए अवसरों से भरा विकसित केरल बनाने का काम केवल एनडीए ही कर सकता है।'

पीएम मोदी ने लिखा 'धन्यवाद तिरुवनंतपुरम! तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है।' उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब यह मानने लगी है कि केरल की विकास आकांक्षाओं को केवल भाजपा ही पूरा कर सकती है।



शशि थरूर की भाजपा को बधाई, बताया ऐतिहासिक
केरल स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों पर शशि थरूर का भी बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए तिरुवनंतपुरम में बीजेपी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताया है।

शशि थरूर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "मैं तिरुवनंतपुरम में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन को भी स्वीकार करना चाहता हूं और नगर निगम में उनकी महत्वपूर्ण जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। यह मजबूत प्रदर्शन राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में एक उल्लेखनीय बदलाव का प्रतीक है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने 45 वर्षों के एलडीएफ के कुशासन से मुक्ति के लिए प्रचार किया, लेकिन मतदाताओं ने अंततः एक ऐसी पार्टी को पुरस्कृत किया, जिसने शासन में स्पष्ट बदलाव की मांग की थी। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह समग्र रूप से यूडीएफ के लिए हो या मेरे निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के लिए। हम केरल के सुधार के लिए काम करना जारी रखेंगे, जनता की जरूरतों की वकालत करेंगे और सुशासन के सिद्धांतों को कायम रखेंगे। आगे बढ़ते रहो!"



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बीजेपी की ऐतिहासिक छलांग
तिरुवनंतपुरम नगर निगम की 101 वार्डों में भाजपा ने 50 सीटें जीतकर वाम मोर्चे के 45 साल के वर्चस्व को तोड़ दिया। एलडीएफ को 29, यूडीएफ को 19 सीटें मिलीं, जबकि दो वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए। बहुमत से एक सीट दूर यह जीत 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी के लिए बड़े मनोबल के रूप में देखी जा रही है। इसके अलावा एनडीए ने पालक्काड़ नगरपालिका बरकरार रखी और त्रिपुनिथुरा नगरपालिका यूडीएफ से छीन ली। त्रिशूर क्षेत्र में भी बीजेपी की मौजूदगी और मजबूत हुई है।



‘ऑपरेशन सिंदूर’ और कूटनीतिक भूमिका
थरूर की यह राजनीतिक उदारता ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल के महीनों में वे केंद्र सरकार के कुछ कदमों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना कर चुके हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेनकाब करने के लिए भेजे गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में थरूर एक प्रमुख चेहरा रहे। उनके नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका, ब्राजील और कोलंबिया जैसे देशों का दौरा कर आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूती से रखा। इस पहल को कूटनीतिक सफलता माना गया, हालांकि कांग्रेस के भीतर इस भूमिका को लेकर मतभेद भी उभरे।


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मोदी की तारीफ, पुतिन डिनर और बढ़ती अटकलें
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक कूटनीति की सार्वजनिक सराहना और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डिनर में थरूर की मौजूदगी ने पहले ही अटकलों को हवा दी थी। अब तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत पर खुले तौर पर बधाई और सकारात्मक टिप्पणी को जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर खुद को पारंपरिक पार्टी लाइन से ऊपर रखकर एक “स्टेट्समैन” की छवि गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जहां राष्ट्रीय हित, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनादेश को प्राथमिकता दी जाती है।



कांग्रेस नेताओं ने कसा थरूर पर तंज
हाल ही में थरूर पर तब भी नजरें टिकीं जब वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राज्य भोज में एकमात्र कांग्रेस नेता के रूप में आमंत्रित थे। जिस पर  कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हल्का तंज कसते हुए कहा था कि हर किसी का जमीर बोलता है। जब मेरे नेता नहीं बुलाए जाते और मैं बुलाया जाता हूं, तो समझना चाहिए कि खेल क्यों और कौन खेल रहा है। और हमें इसका हिस्सा क्यों नहीं बनना चाहिए। 

वहीं कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इशारों में कहा कि हमारे एक जाने-माने सांसद लगातार हमारे नेताओं और पार्टी की आलोचना करते हैं, लेकिन हम चुपचाप इसे सहन करते हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस देश की एकमात्र लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है। इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस में होना और कांग्रेस का होना में अंतर है। 

कांग्रेस के लिए असहजता, बीजेपी के लिए अवसर
थरूर के इन बयानों से कांग्रेस के भीतर असहजता साफ दिखती है, जबकि बीजेपी इसे अपनी स्वीकार्यता बढ़ने के संकेत के तौर पर देख रही है। हालांकि थरूर ने स्पष्ट किया है कि वे केरल के हितों, सुशासन और जनता की जरूरतों के लिए काम करते रहेंगे।

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