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Politics: उड़ानों में देरी पर शशि थरूर-ज्योतिरादित्य सिंधिया में जुबानी जंग; कांग्रेस नेता पर मंत्री का पलटवार

Wed, 17 Jan 2024 06:05 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 17 Jan 2024 06:05 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यहां आर्म-चेयर आलोचक शशि थरूर और कांग्रेस आईटी सेल के लिए कुछ जरूरी तथ्य दिए गए हैं। जो नागरिक उड्डयन जैसे तकनीकी क्षेत्रों की समझ में उनकी  कमी से निपटने में मदद कर सकते हैं। 

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Shashi Tharoor and Jyotiraditya Scindia in war of words over flight delays and airport chaos
ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच कोहरे के कारण उड़ान में देरी और दिल्ली हवाईअड्डे पर अव्यवस्था को लेकर विवाद हो गया। कांग्रेस नेता ने इसे मोदी सरकार द्वारा निर्मित आपदा बताकर केंद्र पर निशाना साधा। इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि थरूर थिसॉरस (शब्द भंडार) की अपनी गूढ़ दुनिया में खोए हुए हैं। उनके इंटरनेट से चुनिंदा प्रेस लेखों का डेटा संकलन शोध के रूप में उपयोगी है।

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थरूर ने कसा केंद्र पर तंज
उन्होंने एक के बाद एक छह एक्स पोस्ट कर केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर अराजकता नागरिक उड्डयन मंत्रालय की उपेक्षा और अक्षमता का परिणाम है। विश्व के अन्य अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों  जैसी आधुनिक सुविधाएं यहां स्थापित करने में नागरिक उड्डयन मंत्रालय विफल रही है। थरूर ने आरोप लगाया कि भारत का विमानन क्षेत्र खस्ता हालत में है। नागरिक मंत्रालय यह सुनिश्चित करने में फेल साबित हुआ है कि दिल्ली और अन्य भारतीय शहरों में हवाई अड्डे ऐसे वैश्विक मानक के हों कि शून्य दृश्यता में भी विमान वहां उतर सकें।
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अपनी पोस्ट में उन्होंने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की तस्वीरें भी साझा की। साथ ही कहा कि दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर नया सीएटी III-बी (श्रेणी III) रनवे बनाया गया है। इस रनवे पर उन्नत लैंडिंग सिस्टम बनाया गया है। कोहरा होने या दृश्यता 50 मीटर से भी कम होने पर भी पायलट इस पर उतार सकते हैं। इसे 2008 में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, दिल्ली में चार रनवे हैं, जिनमें से दो CAT III-B हैं।  मोदी सरकार ने सितंबर 2023 में दो CAT III-B रनवे में से एक पर रखरखाव का काम शुरू कर दिया। जबकि उन्हें पता था कि सर्दी शुरू होने से पहल यह पूरा नहीं हो पाएगा।
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अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पायलटों को भी सीएटी III-B इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग के साथ उतरने के लिए ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। बावजूद इसके उन्हें ट्रेनिंग नहीं दी गई। इतना ही नहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA को यह तक नहीं पता है कि एयरलाइंस के पास पर्याप्त प्रशिक्षित पायलट हैं या नहीं।  


 
ज्योदिरादित्य सिंधिया ने किया पलटवार
कांग्रेस नेता के इन आरोपों पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जो थिसॉरस की गूढ़ दुनिया में खो गए हैं। यहां आर्म-चेयर आलोचक शशि थरूर और कांग्रेस आईटी सेल के लिए कुछ जरूरी तथ्य दिए गए हैं। जो नागरिक उड्डयन जैसे तकनीकी क्षेत्रों की समझ में उनकी  कमी से निपटने में मदद कर सकते हैं। 


सिंधिया ने कहा कि रनवे के रखरखाव का काम विमानों की उड़ान और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रनवे के रखरखाव के साथ कोई भी समझौता सीधे यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालता है। इसी क्रम में रनवे के रखरखाव का काम कोहरे के मौसम की शुरुआत से पहले 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया था। हालांकि दिल्ली में GRAP-IV के लागू होने के कारण, रीकार्पेटिंग में देरी हुई। 

ट्रेंड पायलटों के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आपका दावा हमेशा की तरह गलत और निराधार है! 2014 में केवल 2416 CAT II/CAT III प्रशिक्षित पायलटों की तुलना में आज हमारे पास 6191 CAT II/CAT III प्रशिक्षित पायलट हैं। 

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