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Sugar prices skyrocket during the festive season; government issues warning to sugar mills.
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त्योहारी सीजन में बेलगाम हुए चीनी के दाम, सरकार की ओर से चीनी मिलों को दी गई चेतावनी
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:51 AM IST
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भारत से चीनी की मजबूत आयात मांग और दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक ब्राजील में गन्ने की पेराई में देरी ने वैश्विक चीनी बाजार में हलचल बढ़ा दी है। इसके चलते कच्ची चीनी के वायदा भाव मार्च 2025 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब भारत के खाद्य मंत्रालय ने घरेलू चीनी मिलों को त्योहारों के मौसम में बिना ठोस वजह के चीनी की कीमतें बढ़ाने से बचने की चेतावनी दी है। यानी एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रही है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क में कच्ची चीनी के वायदा भाव में एक समय 1.6 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। इस सप्ताह अब तक कीमतों में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं, इस साल कच्ची चीनी की कीमत करीब 30 फीसदी तक बढ़ चुकी है। बाजार में इस तेजी के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक चीनी आपूर्ति को लेकर बदलता अनुमान है। 2026-27 के सीजन में वैश्विक चीनी बाजार पहले जहां सरप्लस यानी अतिरिक्त आपूर्ति की स्थिति की ओर बढ़ रहा था, वहीं अब तस्वीर बदलकर संभावित कमी की तरफ जाती दिखाई दे रही है।
ब्राजील में गन्ने की पेराई में देरी को भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। ब्राजील वैश्विक चीनी उत्पादन में बेहद अहम भूमिका निभाता है और वहां उत्पादन या पेराई से जुड़ी किसी भी देरी का असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ सकता है। इसके साथ ही भारत से आयात की मजबूत मांग ने भी बाजार में तेजी को सहारा दिया है। जब प्रमुख बाजारों से मांग मजबूत होती है और दूसरी ओर उत्पादन को लेकर अनिश्चितता रहती है, तो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
इंटरनेशनल शुगर ऑर्गनाइजेशन ने आने वाले सीजन में वैश्विक स्तर पर लगभग 2.60 लाख टन चीनी की कमी का अनुमान लगाया है। यह अनुमान बाजार की चिंता को और बढ़ा रहा है, क्योंकि उत्पादन और आपूर्ति में संभावित कमी की स्थिति में चीनी की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। हालांकि, वास्तविक कीमतें आगे चलकर ब्राजील में उत्पादन, भारत की मांग, वैश्विक मौसम परिस्थितियों और अन्य प्रमुख उत्पादक देशों की आपूर्ति पर निर्भर करेंगी।
भारत में त्योहारों के मौसम को देखते हुए सरकार की चिंता और बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान चीनी और अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ सकती है। यदि मिलें अंतरराष्ट्रीय तेजी का हवाला देकर घरेलू बाजार में कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी करती हैं, तो इसका सीधा असर मिठाई, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है। इसलिए खाद्य मंत्रालय ने मिलों को बिना ठोस कारण कीमतें बढ़ाने से बचने की चेतावनी दी है। कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतें, ब्राजील में पेराई में देरी और संभावित वैश्विक आपूर्ति घाटा आने वाले समय में चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बने रह सकते हैं।
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