शरद यादव का बीजेपी पर जोरदार हमला, बोला- 2019 में इन्हें करो सत्ता से बाहर
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लोकतांत्रिक जनता दल के संरक्षक शरद यादव ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। उन्होंने सभी पार्टियों से मिल कर 2019 में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फैंकने का आह्वान किया है। शुक्रवार को उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश विकट संकट से गुजर रहा है और देश की आर्थिक हालत खराब है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने चुनाव में अच्छे दिन से लेकर सबका साथ सबका विकास करने का वादा किया था, लेकिन वे सिर्फ कुछ कॉरपोरेट घरानों का ही विकास कर रहे हैं।
विचारधार को साथ लेकर चलने वाले शरद यादव ने कर्नाटक मामले पर बीजेपी पर दोहरी राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए गोवा, मणिपुर और मेघालय में अलग कानून है और कर्नाटक के लिए अलग कानून। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में 55 प्रतिशत लोगों ने भाजपा के खिलाफ वोट दिया और उसे 104 सीटें मिली है। जबकि कांग्रेस और जेडीएस को 117 सीटें मिली हैं, इसके बावजूद वहां बीजेपी सरकार को शपथ दिलायी गयी है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर, गोवा और मेघालय में कांग्रेस को अधिक सीटें थी इसके बावजूद कम सीट रखने वाली पार्टियों की सरकार बनवा दी गयी। उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद राष्ट्रीय जनता दल सबसे बड़ा दल था, लेकिन उसकी सरकार बनवाने की बजाय जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार की सरकार गठित करवा दी गयी।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का समर्थन करते हुए कहा शरद यादव ने कि बिहार में आरजेडी को बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने आरजेडी को जो जनादेश दिया था, तो मोदी जी ने उस भरोसे को कुचल दिया। वहीं उन्होंने नीतीश कुमार पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने नीतीश पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए बिहार की जनता के साथ धोखा देने का आरोप लगाया। वहीं अपने भाषण में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक वोट से हारे थे और तुरंत सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, तो बीजेपी नमाज पर सवाल, जिन्ना, टीपू सुल्तान, हिन्दु-मुस्लिम पर सवाल उठाना शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली बीजेपी न तो युवाओं को रोजगार दे पा रही है और न ही किसानों की कर्जमाफी और डेढ़ गुना एमएसपी देने का वायदा पूरा कर पा रही है और इसी के चलते देश में किसान और नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं।
उन्होंने कहा केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। देश में हिन्दू-मुस्लिम हो रहा है, कभी गाय के नाम तो कभी जिन्ना की तस्वीर के नाम पर देश में फसाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार की एक ही जान है और वह है हिन्दु-मुस्लिम, जिसके नाम पर वह हमेशा से राजनीति करती आई है। शरद यादव ने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल लागू है और इस सरकार ने देश में दहशत का माहौल बना दिया है। इसके कारण सभी राजनीतिक दल भी चुप हैं। सरकार के मंत्री भी डरते हैं और उचित बात सार्वजनिक रूप से नहीं कर पाते हैं। संविधान ने लोगों को वोट और बोलने की आजादी दी है, लेकिन मोदी सरकार की कार्यशैली से यह खतरे में पड़ती जा रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से 2019 में होने वाले आम चुनावों में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि 2019 में अगर बीजेपी को सत्ता से बाहर नहीं कर पाए तो यह संविधान को पलट कर रख देगी। उन्होंने कहा कि अगर संविधान नहीं होगा तो न बोलने की आजादी होगी और न ही वोट देने की। उन्होंने कहहा कि आने वाली पीढ़ी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हम मिलकर लड़ेंगे और संविधान पर आंच नहीं आने देंगे, चाहे जान तक न लड़ानी पड़े। उन्होंने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, लक्ष्मीबाई, टीपू सुल्तान का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने देश के लिए कुर्बानी दी, जिसके चलते आज हम यहां हैं।
समाजवादी नेता शरद यादव ने कहा कि समाजवाद का मतलब है इंसानियत और हमारे पुरखों की राह समरसता थी। शरद यादव ने कहा कि हमारी लड़ाई संविधान को बचाने को लेकर शुरू हुई थी और अब हमारे लोग नई पार्टी के जरिए इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि लड़ते-लड़ते आजादी पाई है और लड़ते-लड़ते ही आजादी बचेगी। उन्होंने कहा कि जिनके पास हौंसला होता है, वही देश बनाते हैं।