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पानी की किल्लत और कर्ज का बोझ: किसानों का दर्द सुनने पहुंचे शरद पवार; फडणवीस सरकार से की ये मांगें

Fri, 02 Oct 2026 03:23 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, पुणे।
पीटीआई, पुणे। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 02 Oct 2026 03:23 PM IST
सार

महाराष्ट्र में सूखे और पानी की कमी से जूझ रहे किसानों की समस्याएं जानने के लिए शरद पवार ने पुणे जिले के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा शुरू किया। उन्होंने फसल नुकसान, कर्जमाफी, टैंकर से पानी की आपूर्ति और बिजली नहीं काटने समेत कई मांगें उठाईं। पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राहत उपायों पर चर्चा करने का भरोसा दिया। राज्य की 358 तहसीलों में से 265 में सूखा घोषित है।
 

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Sharad Pawar visits drought hit areas in Maharashtra seeks loan waiver and relief for farmers
शरद पवार - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में सूखे और पानी की कमी से जूझ रहे किसानों की समस्याएं जानने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार शुक्रवार को सूखाग्रस्त इलाकों के दौरे पर निकले। पुणे जिले की पुरंदर तहसील में उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से मुलाकात की। पवार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि फसलों को हुए नुकसान और पानी की किल्लत का मुद्दा वह राज्य सरकार के सामने उठाएंगे।
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265 तहसीलों में सूखा घोषित, बाकी इलाकों को भी राहत की मांग
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की 358 तहसीलों में से 265 में सूखा घोषित किया है। हालांकि, कई अन्य इलाकों में भी पानी की गंभीर कमी और फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति है। उन्होंने इसी सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मांग की थी कि सूखे की मार झेल रहे बाकी पात्र इलाकों को भी इस घोषणा में शामिल किया जाए।
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बारिश नहीं हुई तो क्या होगा?
किसानों से बातचीत के दौरान शरद पवार ने कहा कि उनके सामने सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर बारिश नहीं हुई तो वे क्या करेंगे। मौजूदा फसलों को बचाना जरूरी है और किसानों तक तत्काल राहत पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरंदर उन इलाकों में शामिल है, जहां सूखे की स्थिति काफी गंभीर है। ऐसे में राहत के फैसले लेते समय सरकार को जमीनी हालात को ध्यान में रखना चाहिए।
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कर्जमाफी से लेकर पानी और बिजली तक की मांग
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने किसानों की समस्याएं रखी हैं और कई मांगें की हैं। इनमें सहकारी, राष्ट्रीयकृत और शहरी सहकारी बैंकों के साथ ऋण समितियों से खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए लिए गए कर्ज की 100 प्रतिशत माफी शामिल है। इसके अलावा, रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देने, पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी उपलब्ध कराने को टैंकर भेजने तथा सूखाग्रस्त इलाकों में बिल नहीं भर पाने के कारण किसानों की बिजली नहीं काटने की मांग भी की गई है।

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किसानों से मांगी समस्याओं की जानकारी
शरद पवार ने किसानों से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि सरकार सीधे किसानों से उनकी समस्याओं की जानकारी ले। उन्होंने भरोसा दिया कि वह खुद अलग-अलग सूखाग्रस्त इलाकों में जाकर किसानों से मिलेंगे और उनकी परेशानियों को समझेंगे। पवार के मुताबिक, वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राहत के उपायों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने किसानों से अपनी समस्याएं और मांगें खुलकर रखने को कहा।

पुणे जिले के दूसरे इलाकों में भी जाएंगे पवार
पवार के दौरे में पुणे जिले के बारामती, पुरंदर और दौंड समेत अन्य सूखाग्रस्त इलाके शामिल हैं। राज्य सरकार की ओर से 265 तहसीलों में सूखा घोषित किए जाने के बाद विपक्षी नेताओं और किसान संगठनों ने दूसरे प्रभावित इलाकों को भी इस दायरे में लाने की मांग उठाई है। 
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