फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   GST Input Tax Credit Fraud: Fake ITC worth ₹734 cr; 135 shell companies created to launder proceeds of crime

जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी: 734 करोड़ के नकली आईटीसी, अपराध की कमाई के लिए बनाई 135 शेल कंपनियां

Fri, 02 Oct 2026 03:27 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 02 Oct 2026 03:27 PM IST
सार

ईडी ने 734 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी आईटीसी मामले में ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। जांच में 135 शेल कंपनियों के जरिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनवॉइस बनाने का खुलासा हुआ। आरोपियों की कंपनियों के जरिए 54.33 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी घुमाया गया। ईडी ने तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

विज्ञापन
GST Input Tax Credit Fraud: Fake ITC worth ₹734 cr; 135 shell companies created to launder proceeds of crime
ED

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। रांची की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के इस मामले में 734 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली आईटीसी तैयार किए गए। फर्जी आईटीसी के जरिए अपराध की कमाई करने के लिए आरोपियों ने 135 शेल कंपनियां बनाई थीं।
विज्ञापन


ईडी ने जमशेदपुर (झारखंड) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, संजय पारेख (सीए) और अन्य लोगों के घरों और ऑफिसों से जुड़ी चार जगहों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। ईडी ने यह जांच, जमशेदपुर में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) द्वारा दर्ज कई शिकायतों के आधार पर शुरू की थी। इसमें नकली आईटीसी बनाने और आगे बढ़ाने से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का पता चला था। 
विज्ञापन


जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट ने 135 शेल कंपनियों (कागजी कंपनियों) का एक जाल बनाया था। ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर मौजूद थीं। इनका इस्तेमाल बिना किसी वास्तविक सामान या सेवा की सप्लाई के ₹5000 करोड़ से ज्यादा के फर्जी इनवॉइस जारी करने के लिए किया जाता था। इस तरीके से, सिंडिकेट ने धोखाधड़ी करके ₹734 करोड़ से ज्यादा का नकली आईटीसी बनाया और आगे बढ़ाया। इस तरह गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए क्रेडिट को कमीशन पर अलग-अलग फायदा उठाने वाली फर्मों को बेचा जाता था, जो इसका इस्तेमाल अपनी जीएसटी देनदारियों से बचने के लिए करती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- पानी की किल्लत और कर्ज का बोझ: किसानों का दर्द सुनने पहुंचे शरद पवार; फडणवीस सरकार से की ये मांगें


ईडी के मुताबिक, ज्ञान चंद जायसवाल (उर्फ बबलू जायसवाल) और राज जायसवाल के नेतृत्व वाला ग्रुप अपनी कंपनियों के जरिए इस फर्जी आईटीसी फ्रॉड का मुख्य फायदा उठाने वालों में से एक था। उन्होंने न केवल अपने या अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कंपनियां बनाईं - जैसे मां शारदा एंडेवर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और केदारनाथ ट्रेक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। इनमें जय भोले एंटरप्राइजेज आदि शामिल है। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों के जरिए 54.33 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी घुमाया गया और अंततः इसे उनके निजी बैंक खातों और उनके रिश्तेदारों/कंपनियों के बैंक खातों में जमा किया गया।
 
इसे 'अपराध से हुई कमाई' (पीओसी) माना गया। शक है कि इस पैसे का इस्तेमाल उनके बिजनेस और चल-अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। इससे पहले, इस मामले में मई 2025 और अगस्त 2025 में कोलकाता, जमशेदपुर, रांची और अन्य जगहों पर आरोपियों से जुड़ी जगहों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई थी। आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए। साथ ही लगभग 70 लाख रुपये जब्त और बैंक बैलेंस फ्रीज किए गए। इसके अलावा, ईडी ने 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के लिए दो प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) जारी किए हैं। साथ ही, पीएमएलए के तहत चार आरोपियों को 08.05.2025 को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से तीन अभी न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष पीएमएलए कोर्ट, रांची में एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दायर की गई है, जो अभी ट्रायल के चरण में है। आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed