Sharad Pawar: पार्टी की प्रतिक्रिया से लेकर आम चुनाव तक का हवाला, शरद पवार ने बताई इस्तीफा वापस लेने की वजह
शरद पवार ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त होने के लिए मैंने सोच-समझकर खुद को तैयार किया था। मेरे पास अभी भी संसद में 3 साल और हैं और मैं भविष्य में एक अच्छी टीम बनाने के विचार में था जो राज्य और देश स्तर पर एनसीपी की जिम्मेदारी ले सके।
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शरद पवार ने एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने के फैसले की वजह बताई है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। साथ ही शरद पवार ने यह भी बताया है कि पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने के पीछे उनकी क्या योजना थी। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि मेरी पार्टी मेरे इस्तीफे पर इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देगी। कई राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने भी मुझसे अपना फैसला वापस लेने का अनुरोध किया। एक साल के भीतर आम चुनाव होने हैं। ऐसे में अलग हटना ठीक नहीं होगा। हम विपक्ष को एकजुट करने पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त होने के लिए मैंने सोच-समझकर खुद को तैयार किया था। मेरे पास अभी भी संसद में 3 साल और हैं और मैं भविष्य में एक अच्छी टीम बनाने के विचार में था जो राज्य और देश स्तर पर एनसीपी की जिम्मेदारी ले सके। इसलिए मैंने एक तरफ कदम बढ़ाने और अगली पीढ़ी को मौका देने के बारे में सोचा था।
हाल ही में शरद पवार ने पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने का फैसला लिया था, इसके अटकलें तेज हो गई थीं कि भतीजे अजित उनकी जगह लेंगे। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ शरद पवार ने यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। शरद पवार ने यह घोषणा शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी थी, जिसमें अजित शामिल नहीं हुए थे। इस पर अटकलें तेज हो गईं कि अजित पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
अफवाहों में नहीं कोई सच्चाई
शरद पवार ने कहा कि इन अफवाहों में कोई सच्चाई है कि कोई एनसीपी नेता अन्य दलों में शामिल होना चाहता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है, तो कोई किसी को नहीं रोक सकता। हालांकि, इसमें कोई सच्चाई नहीं है कि हमारी पार्टी के लोग बाहर जाना चाहते हैं।
बेटी ने पद संभालने से कर दिया था इनकार
उन्होंने कहा कि पार्टी के विभिन्न स्तरों पर नए नेताओं को जिम्मेदारी और अवसर दिया जाने पर भी बात की गई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जब कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि उनकी बेटी सुप्रिया सुले को अध्यक्ष बनाया जाए, तो सुप्रिया ने साफ इनकार कर दिया था।
शरद पवार ने यभी जानकारी दी कि उनके इस्तीफे की बात सिर्फ अजित पवार को पता थी। इसीलिए उन्होंने उनके फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार उनसे या पार्टी से नाराज नहीं हैं।