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सांप की काटी महिला को बचाने की कोशिश में गई सात लोगों की जान

Tue, 11 Oct 2016 04:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजीपुर Updated Tue, 11 Oct 2016 04:44 AM IST
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 seven people dead Trying to save Viper reaped woman
- फोटो : demo pic

मुहम्मदाबाद कोतवाली के बढ़इपुर गांव के लोगों के लिए रविवार की रात काली साबित हुई। सर्प दंश से पीड़ित महिला की जिंदगी बचाने जा रहे सात लोगों ने अपनी जान गंवा दी। खबर मिलते ही गांव में मृतकों के परिवारीजन दहाड़े मारकर रोने लगे। निद्रा में सोया पूरा गांव जग गया। घटना की सूचना से गांव में चारों तरफ कोहराम सा मच गया था। लोग अपनों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए घटना स्थल की ओर भाग रहे थे। पूरा गांव पीछे-पीछे भाग रहा था। दर्दनाक हादसे ने सभी को हीला कर रख दिया था।

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घटना स्थल से आधी रात के बाद एक-एक लाशें निकाली गई। ग्रामीण मृतकों को देखकर भौचक थे। क्योंकि कुछ घंटे पहले ही उनकी एक-दूसरे से मुलाकात थी। कल के लिए साथ चलने का वादा भी था। यह आफत अचानक आई थी। बुढ़ईपुर निवासी बुझारथ बिंद की पत्नी मंशा देवी को रात में सांप ने काट लिया था। घटना की जानकारी घर के सदस्यों को हुई तो मंशा की जान बचाने के लिए सभी चल पड़े। भाई बिहारी की पत्नी तेतरी और पुत्री पिंकी, चाचा वैद्यनाथ बिंद और परिवार की ही शारदा देवी अमवा की सती माई जाने लगे। 
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सर्प काटने की जानकारी जब पड़ोसी राजकुमार की पत्नी रामराजी देवी, माधव के पुत्र जितेंद्र, रासूरत के पुत्र सोपारी, माधव और कोशल्या देवी को हुई तो वह भी चलने के लिए तैयार हो गए। आनन-फानन में माधव ने अपने पुत्र महेंद्र से टाटा सूमो गाड़ी लेकर अमवा सती माई के यहां लेकर चलने को कहा। मंशा की जान बचाने के लिए सभी लोग गाड़ी से रात में ही चल पड़े। अभी लोग मंशा के बचने और सकुशल घर वापसी के बारे में सोच ही रहे थे कि घर में रखे मोबाइल का घंटी बज उठी। 

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शव देख महिलाएं अपना सुध-बुध खोकर रोने लगी।

 seven people dead Trying to save Viper reaped woman

मोबाइल पर जब घर के लोगों को जानकारी मिली की गाड़ी मगई नदी के बाढ़ के पानी में समा गई है। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। रोने-बिलखने की आवाज सून ग्रामीणों की भीड़ लग गई। जानकारी होते ही ग्रामीण रात में ही पैदल और अन्य संसाधनों से घटना स्थल के तरफ निकल पड़े। घटना स्थल का माजरा देख सभी बदहवास होकर रोने-बिलखने लगे। इनके करूण-क्रंदन से घटना स्थल के आस-पास के गांव में रात भर सन्नाटा पसरा रहा। 

ग्रामीण भी राहत और बचाव कार्य में लग गए। काफी प्रयास के बाद टाटा सूमो मालिक माधव के साथ उसके पुत्र चालक महेंद्र और कौशल्या देवी को बचा लिया गया। लेकिन गाड़ी चालक का छोटा पुत्र जितेंद्र काल का ग्रास बन गया। एक साथ आठ लोगों की मौत की जानकारी पर पूरे रात गांव में रोने की आवाज आती रही। सोमवार की सुबह अपने संबंधियों का शव देख महिलाएं अपना सुध-बुध खोकर रोने लगी। इनके रोने से घटना स्थल से लेकर कई गांवों में मातमी सन्नाटा फैल गया।

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