मुंबई सहित सात जिलों में टेलीआईसीयू तकनीक से होगा कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज
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कोरोना के कहर से जूझ रहे महाराष्ट्र में अब आईसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और तकनीक की मदद ली जाएगी। इसके लिए टेलिआईसीयू तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टेलिआईसीयू तकनीक से गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए देश में यह पहला प्रयोग है।
राजेश टोपे ने बताया कि मुंबई सहित राज्य के सात जिलों में जिन कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों का इलाज आईसीयू में चल रहा है उनके उपचार में विशेषज्ञों से तकनीकी मदद ली जाएगी। इस तकनीक के माध्यम से मुंबई, ठाणे, जलगांव, औरंगाबाद, अकोला और जालना में कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जाएगा। फिलहाल, टेलिआईसीयू सेवा प्रायोगिक तौर पर शुरू की जाएगी। इसके बाद पूरे राज्य में टेलिआईसीयू प्रयोग में लाया जाएगा।
टोपे ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमित 75 फीसदी लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं जबकि 10 स 15 फीसदी मरीजों में सामान्य लक्षण पाए गए हैं। लेकिन 3 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो कोरोना वायरस के संक्रमण से गंभीर रूप से पीड़ित है। इन तीन फीसदी मरीजों के लिए ही आईसीयू में उपचार आवश्यक है।
मेडिस्केप ने दिया है टेलिआईसीयू का प्रस्ताव
स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने बताया कि डॉक्टरों के फाउंडेशन मेडिस्केप ने गंभीर रूप से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का प्रस्ताव मिला है। फाउंडेशन के जरिए जिलों में आईसीयू की व्यवस्था की जाएगी। आईसीयू में प्रत्येक बेड पर लगाए गए मॉनीटर से मरीज पर तकनीक के जरिए नजर रखा जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज के उपचार की सलाह देंगे।