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Gujarat SIT: एसआईटी ने अदालत में कहा, तीस्ता सीतलवाड़ ने की थी दंगा मामले में नरेंद्र मोदी को फंसाने की साजिश
Wed, 20 Jul 2022 10:30 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 20 Jul 2022 10:30 PM IST
सार
सीतलवाड़ और दो पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया है।
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तीस्ता सीतलवाड़
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को गोधरा के बाद के दंगों के मामलों में आरोपी के रूप में फंसाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं, और पीड़ितों के नाम पर एकत्र किए गए धन का उपयोग करके भाजपा सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। एसआईटी ने बुधवार को एक अदालत को यह जानकारी दी। तीस्ता सीतलवाड़ को पिछले महीने अहमदाबाद अपराध शाखा ने पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के साथ 2002 के दंगों के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गुजरात की जेल में बंद तीस्ता ने जमानत मांगी है।
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तीस्ता की जमानत याचिका का विरोध
सीतलवाड़ और दो पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया है। सीतलवाड़ की जमानत याचिका के खिलाफ बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मितेश अमीन ने अहमदाबाद में सत्र न्यायाधीश डीडी ठक्कर की अदालत से कहा कि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी और अन्य को दंगों के मामलों में आरोपी के रूप में फंसाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं।
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तीस्ता ने दंगा पीड़ितों को पैसे नहीं बांटे
अमीन ने अदालत को बताया कि सीतलवाड़ को इस आधार पर धन मिला था कि उन्हें 2002 के दंगों के पीड़ितों के बीच इसे बांटना है। लेकिन पैसा कभी भी लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। एसपीपी ने दावा किया कि पैसा पीड़ितों तक कभी नहीं पहुंचा और इसका इस्तेमाल तत्कालीन भाजपा सरकार को अस्थिर करने और यह दिखाने के लिए किया गया था कि 27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में भीड़ द्वारा आग लगने के बाद दंगों को प्रायोजित किया गया था जिसमें 59 यात्रियों की मौत हो गई थी।
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उन्होंने कहा कि इस साजिश में दिवंगत अहमद पटेल जैसे कांग्रेसी नेता और अन्य लोग शामिल थे और यह सब विपक्षी दल के इशारे पर किया गया था। आगे की बहस गुरुवार को भी जारी रहेगी। अदालत सीतलवाड़ और श्रीकुमार दोनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। एसआईटी ने पिछले हफ्ते अदालत के समक्ष पेश अपने हलफनामे में सीतलवाड़ पर दो अन्य आरोपियों श्रीकुमार और भट्ट के साथ साजिश रचने का आरोप लगाया था। उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए एसआईटी ने हलफनामे में कहा कि दिवंगत पटेल के इशारे पर साजिश को अंजाम दिया गया। जांच दल ने आरोप लगाया कि पटेल के कहने पर सीतलवाड़ को गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के बाद 30 लाख रुपये मिले।