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Hindi News ›   India News ›   BRICS Summit 2026: Russia to Discuss Digital Currency Payments, PM Modi-Putin Meet to Focus on Su-57 and Trade

BRICS+ सम्मेलन: डिजिटल करेंसी पर होगी चर्चा, पीएम मोदी-पुतिन की मुलाकात में Su-57 और व्यापार पर भी नजर

Thu, 10 Sep 2026 06:37 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 10 Sep 2026 06:37 PM IST
सार

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स+ सम्मेलन में रूस अपने साझेदार देशों के साथ डिजिटल करेंसी में व्यापारिक भुगतान पर चर्चा करेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सम्मेलन में शामिल होंगे। इससे पहले 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है। आइए, विस्तार से जानते हैं इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है...

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BRICS Summit 2026: Russia to Discuss Digital Currency Payments, PM Modi-Putin Meet to Focus on Su-57 and Trade
पीएम मोदी और पुतिन किन मुद्दों पर करेंगे चर्चा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नई दिल्ली में इस सप्ताह होने वाले ब्रिक्स+ सम्मेलन में रूस अन्य साझेदार देशों के साथ डिजिटल करेंसी के जरिए व्यापारिक भुगतान करने के तरीकों पर चर्चा करेगा। क्रेमलिन ने कहा है कि बैठक में भविष्य के व्यापारिक भुगतान के नए तरीकों पर बातचीत होगी। यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भुगतान के नए विकल्पों पर चर्चा बढ़ रही है। ब्रिक्स+ सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को होना है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसमें हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, वित्त और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

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पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात में किन मुद्दों पर होगी बात?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली में 11 सितंबर को द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है। यह बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से एक दिन पहले होगी। दोनों नेताओं की बातचीत में रूस के Su-57 लड़ाकू विमान की संभावित बिक्री अहम मुद्दा हो सकती है। इसमें भारत को विमान की उत्पादन तकनीक देने की संभावित पेशकश भी चर्चा में रह सकती है। इसके अलावा व्यापार, ऊर्जा और असैन्य परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की संभावना है।

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Su-57 से लेकर यूक्रेन तक, बातचीत का दायरा कितना बड़ा?

भारत और रूस के बीच होने वाली बातचीत में रक्षा सहयोग के साथ व्यापार और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे। Su-57 को लेकर संभावित समझौता इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें केवल विमान की बिक्री ही नहीं, बल्कि उत्पादन तकनीक के संभावित हस्तांतरण का मुद्दा भी शामिल है। इसके साथ ही यूक्रेन का मुद्दा भी बातचीत में उठ सकता है। ब्रिक्स+ सम्मेलन को लेकर रूस ने पश्चिम विरोधी मंच के रूप में लगाए जा रहे आरोप को खारिज किया है। रूस का कहना है कि सम्मेलन में सुरक्षा और आर्थिक मामलों के साथ वित्त और संस्कृति जैसे व्यापक विषयों पर भी चर्चा होगी।

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पुतिन के दौरे से भारत-रूस संबंधों में क्या संदेश जाएगा?

पुतिन की नई दिल्ली यात्रा और मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय हो रही है जब ब्रिक्स+ देशों के बीच व्यापार और वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने के नए तरीकों पर चर्चा हो रही है। डिजिटल करेंसी में व्यापारिक भुगतान का मुद्दा इस बैठक का एक अहम पहलू होगा। वहीं भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में Su-57, व्यापार, ऊर्जा और असैन्य परमाणु सहयोग जैसे मुद्दे द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक दायरे को दिखाते हैं। 12-13 सितंबर का ब्रिक्स+ सम्मेलन इन मुद्दों को बहुपक्षीय मंच पर रखने का मौका देगा। ऐसे में नजर इस बात पर रहेगी कि भारत और रूस की बातचीत से रक्षा और आर्थिक सहयोग को लेकर क्या नई दिशा निकलती है।

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