फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Scientists have created a solar plane, it can monitor the enemy by staying in the air for 90 days

NAL: वैज्ञानिकों ने बनाया सौर विमान, 90 दिन तक हवा में रहकर कर सकता है दुश्मन की निगरानी, जानिए क्या है खासियत

Sun, 15 Sep 2024 11:50 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: बशु जैन Updated Sun, 15 Sep 2024 11:50 AM IST
सार

इस साल की शुरुआत में औद्योगिक अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला ने कर्नाटक के चल्लकेरे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की वैमानिकी परीक्षण रेंज में सौर विमान का परीक्षण किया था। 

विज्ञापन
Scientists have created a solar plane, it can monitor the enemy by staying in the air for 90 days
एनएएल द्वारा विकसित सौर विमान। - फोटो : NAL

विस्तार

भारत के वैज्ञानिकों ने युद्ध के दौरान दुश्मन की निगरानी और टोह लेने के लिए सौर विमान बनाया है। यह विमान लगातार 90 दिन तक हवा में रह सकता है। इसकी खासियत है कि यह दुश्मन पर नजर रखने के साथ ही पेलोड ले जाने में सक्षम है। नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज  (NAL) बंगलूरू के वैज्ञानिक इसका परीक्षण कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इसे 10 घंटे तक सफलतापूर्वक उड़ाकर परीक्षण कर भी लिया है। 

विज्ञापन


एनएएल द्वारा विकसित यह सौर विमान पूरी तरह से मानव रहित है। यह 17-20 किमी तक की ऊंचाई तक उड़ान भरने के साथ ही आसमान में दिन रात संचालन करने में सक्षम है। एनएएल के मुताबिक सौर विमान युद्ध के समय सतत निगरानी के साथ ही वायु रक्षा हथियार के रूप में काम कर सकता है। इस साल की शुरुआत में औद्योगिक अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला ने कर्नाटक के चल्लकेरे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की वैमानिकी परीक्षण रेंज में हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (HAPS) यानि सौर विमान का परीक्षण किया था। इस दौरान विमान में पेलोड और सभी उड़ान उपकरण लगाए गए थे। 
विज्ञापन


एनएएल के एचएपीएस कार्यक्रम प्रमुख डॉ. एल वेंकटकृष्णन ने बताया कि सौर विमान आकाश में रहकर निगरानी करने में सक्षम है। यह एक सेटेलाइट की तुलना में काफी सस्ता है। परीक्षण के दौरान विमान ने साढ़े आठ घंटे से अधिक की उड़ान क्षमता समेत सभी मानकों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि विमान एक किलोग्राम पेलोड के साथ 24 घंटे की उड़ान क्षमता तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि विमान 150-200 मीटर लंबे क्षेत्र से  उड़ान भरने के लिए सक्षम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 90 दिन तक आसमान में विमान को रखने का एनएएल का लक्ष्य है। हालांकि यह वायुमंडल की स्थिति और उपकरणों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि एक बार सही सेंसर से लैस होने पर सौर विमान का उपयोग दुश्मन के इलाके पर निगरानी करने के लिए किया जा सकता है। 


एयर बस जेफायर जैसा है विमान
ऐसा सौर विमान अब तक एयर बस जेफायर है। इसका अमेरिका के एरिजोना रेगिस्तान में 64 दिन निरंतर उड़ान भरकर प्रदर्शन किया गया था। अमेरिका, यूके, जर्मनी, न्यूजीलैंड भी ऐसा विमान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed