'लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं मोदी-शाह': चुनाव आयोग का जिक्र कर बोले खरगे, राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक के कलबुर्गी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने ईवीएम, कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का जिक्र किया।
विस्तार
खरगे ने कहा कि पहले जब ईवीएम को लेकर राहुल गांधी जैसे नेता सवाल उठाते थे, तो उनका मजाक उड़ाया जाता था। अब केंद्रीय चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने खुद आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।
वोट चोरी और एसआईआर पर चुनाव आयोग में ही उठ रहे सवाल : खरगे
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने दावा किया कि वोटों में हेरफेर, वोट चोरी और उनमें बदलाव से जुड़े मामलों को लेकर आयोग के भीतर भी सवाल उठे हैं। खरगे के मुताबिक, आयोग के दोनों सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखित रूप से अपनी बात बताई, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। खरगे ने कहा कि राहुल गांधी महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक के अलंद व महादेवपुरा जैसे क्षेत्रों में कथित वोट चोरी का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं।
Kalaburagi, Karnataka | Congress National President Mallikarjun Kharge says, "PM Modi and Shah have made up their minds to remove democracy..." He also says, "Previously, when statements were made about EVMs—such as the statements made by Rahul Gandhi—everyone used to make fun of it. Now, two members of the Central Election Commission themselves have exposed how mismanaged the system is, and how votes are manipulated, stolen, or altered. Even the two members sitting in the CEC did not have this information, and when they didn't know, they openly wrote and informed Gyanesh Kumar about it, but no attention was paid to it. After all of this came to light, Rahul Gandhi started the agitation. From the beginning, he had been saying "vote chori" in Maharashtra, Haryana, and in various parts of Karnataka like Aland, Mahadevapura, and elsewhere. Despite explaining this clearly—even explaining it like teaching children on a board—neither the Election Commission nor the government listened. Because of this, protests were started to bring it to the public's attention, and many people realized it was true and joined in. Entire INDIA alliance got united and started this agitation. Many youths felt there was some big scam or foul play, and after understanding Rahul Gandhi's statements, they joined the protest..."
— ANI (@ANI) October 11, 2026
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इन आरोपों को समझाने के लिए विस्तार से उदाहरण दिए, लेकिन चुनाव आयोग और सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, इसी वजह से लोगों तक यह मुद्दा पहुंचाने के लिए आंदोलन शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की बातों को समझने के बाद बड़ी संख्या में युवा आंदोलन से जुड़े और पूरा इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट हुआ।
एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी चुनाव आयोग के कामकाज और उसकी स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है, जिसे अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने का अधिकार है। लेकिन उनके अनुसार, आयोग को स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लेने दिया जा रहा है।
खरगे ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन खुलासों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है, ताकि कथित वोट चोरी जारी रह सके। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक हुई वोट चोरी के सहारे केंद्र और राज्यों में सरकारें बनाई गई हैं।
सीईसी और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने 2023 में बनाए गए उस कानून पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों से संबंधित कुछ मामलों में कानूनी संरक्षण दिया गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ऐसा संरक्षण दिया गया, जो राष्ट्रपति और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी हासिल नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयुक्तों को इस तरह का विशेष संरक्षण देने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने दावा किया कि इस संरक्षण के बाद वोट चोरी, ईवीएम और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आए हैं। खरगे के अनुसार, इस व्यवस्था के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त को गलतियों के लिए जवाबदेह ठहराना मुश्किल हो गया है। खरगे ने इसे जनता के मताधिकार और लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।