फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   SC refuses to grant relief from arrest to suspended Jharkhand IAS officer Pooja Singhal's husband

Jharkhand MNREGA Scam: निलंबित IAS अधिकारी के पति को राहत नहीं, SC ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

Fri, 23 Jun 2023 04:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/रांची Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 23 Jun 2023 04:58 PM IST
सार

Jharkhand MNREGA Scam: सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया। उन पर मनरेगा फंड में गबन का आरोप है। 

विज्ञापन
SC refuses to grant relief from arrest to suspended Jharkhand IAS officer Pooja Singhal's husband
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने मनरेगा घोटाले से जुड़े एक धनशोधन के मामले में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की अवकाश पीठ ने आरोपी को किसी तरह की राहत देने से मना कर दिया और नियमित पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तारीख तय की।  

विज्ञापन

अभिषेक झा ने झारखंड उच्च न्यायालय के 18 मई के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने झा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें चार सप्ताह के भीतर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि पीएमएलए के तहत अपराधों में सख्ती से धारा 45 लागू होगी। अपराध की व्यापकता (जिसमें करोड़ों रुपये की आपराधिक आय शामिल है) को ध्यान में रखते हुए, इसके सबूतों को देखते हुए यह मामला अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं लगता है।  

विज्ञापन

अभियोजन पक्ष (ईडी) के मुताबिक, सिंघल से शादी के बाद झा की वित्तीय संपत्ति बढ़ी और कथित तौर पर भ्रष्ट गतिविधियों के जरिए अधिकारी द्वारा अर्जित अपराध की आय औप  गलत तरीके से अर्जित नकदी उनके बैंक खातों में आने लगी। वहीं, झा ने दावा किया है कि यह धन ऑस्ट्रेलिया में उनकी नौकरी से हुई वैध आय है। 

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में इस बात पर गौर किया कि झा की जून 2011 में सिंघल से शादी हुई थी। हाई-प्रोफाइल आईएएस अधिकारी 16 फरवरी, 2009 से 19 जुलाई, 2010 तक खूंटी जिले के उपायुक्त के रूप में तैनात थे। 

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, सार्वजनिक धन के बड़े पैमान पर गबन का पता चला है और खूंटी जिले में अभियोजन की शिकायत के पैरा 1.6 में बताया गया है कि 16 प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं, उस समय पूजा सिंघल उपायुक्त थीं। 16 प्राथमिकियों के मुताबिक गबन की राशि 18.06 थी। सभी 16 प्राथमिकियों को राम बिनोद प्रसाद सिन्हा, आरके जैन और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed