फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC orders appointment of bipolar Bhavya Nain as judge in delhi court

bipolar Bhavya Nain case : बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित भव्य नैन बनेंगे दिल्ली में जज, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

Wed, 15 Dec 2021 06:23 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 15 Dec 2021 06:23 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने भव्य नैन को उपयुक्त वरिष्ठता के साथ न्यायाधीश बनाने का आदेश दिया है। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि भव्य नैन को राष्ट्रीय राजधानी की एक जिला अदालत में न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने और न्यायाधीश के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कोई बाधा नहीं है।

विज्ञापन
SC orders appointment of bipolar Bhavya Nain as judge in delhi court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित भव्य नैन को दिल्ली की एक जिला अदालत में जज नियुक्त करने का आदेश दिया है। शीर्ष कोर्ट द्वारा गठित एक मेडिकल बोर्ड ने नैन को न्यायिक अधिकारी बनने के उपयुक्त पाया है। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने भव्य नैन को उपयुक्त वरिष्ठता के साथ न्यायाधीश बनाने का आदेश दिया है। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि भव्य नैन को राष्ट्रीय राजधानी की एक जिला अदालत में न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने और न्यायाधीश के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कोई बाधा नहीं है।
विज्ञापन


पीठ में जस्टिस कौल के अलावा जस्टिस एमएम सुंदरेश भी शामिल थे। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए शीर्ष कोर्ट ने भव्य नैन की नियुक्ति का आदेश दिया। पीठ ने भव्य के मामले पर विचार के लिए 17 नवंबर को मेडिकल बोर्ड गठित किया था। 11 साल पहले भव्य नैन जब 25 साल के थे, तब उनकी यह बीमारी पकड़ में आई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में दिव्यांगता की यह छठी प्रमुख बीमारी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


2018 में न्यायिक परीक्षा पास की थी
भव्य नैन ने वर्ष 2018 में दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा पास की थी। उन्होंने दिव्यांग श्रेणी में यह परीक्षा देकर कामयाबी पाई। उन्होंने साक्षात्कार सहित परीक्षा के सभी तीन राउंड पास किए, लेकिन उनकी उम्मीदवारी को मई 2019 में दिल्ली उच्च न्यायालय प्रशासन ने खारिज कर दिया। सिस्टम से लड़ने और कानूनी लड़ाई में शामिल होने में उन्हें और तीन साल लग गए।  सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी वरिष्ठता बरकरार रखते हुए उन्हें सेवा में शामिल होने की अनुमति दी। 


क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर 
यह एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। ऐसे व्यक्ति का मन लगातार कई हफ्तों या महीनों तक या तो बहुत उदास या फिर अत्यधिक खुश रहता है। उदासी की दशा में नकारात्मक तथा मैनिया में ऊंचे ऊंचे विचार आते हैं। यह बीमारी लगभग 100 में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी ना कभी होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed