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कोरोना: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, डॉक्टर-कर्मचारियों को वेतन देने के लिए राज्यों को निर्देश दे केंद्र

Wed, 17 Jun 2020 11:27 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 17 Jun 2020 11:27 AM IST
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SC hears petition filed by doctor for separate facilities timely salaries Tushar Mehta says circular issued
- फोटो : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कोरोना मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर वेतन देने के लिए केंद्र सरकार को राज्यों को निर्देश देने को कहा है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौला और जस्टिस एमआर शाह ने कहा, डॉक्टरों को तनख्वाह नहीं मिलने की बात मीडिया रिपोर्ट में सामने आई थी, ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।

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इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा है कि डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन के भुगतान, उचित आवास और क्वारंटीन को लेकर शुक्रवार तक केंद्र सरकार 24 घंटे के भीतर आदेश जारी करे। पीठ ने इस मामले में 4 हफ्ते में केंद्र से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी और चेताया कि आदेश का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया जाएगा।
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शीर्ष कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया है कि डॉक्टरों का वेतन काटा नहीं जाएगा और राज्यों के मुख्य सचिव ये सुनिश्चित करेंगे, वर्ना कड़ी सजा मिलेगी। पीठ ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और राज्य के मुख्य सचिवों द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।


सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एनडीएमए अधिनियम के तहत वेतन का भुगतान न करना अपराध है। मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार 24 घंटे के भीतर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश जारी करेगी, ताकि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर भुगतान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर 15 मई के परिपत्र को भी संशोधित किया जाएगा। वकील मीतू जैन और अर्जुन सयाल के जरिये सुप्रीम कोर्ट में दायर डॉक्टर आरूषि जैन की याचिका में कहा गया है कि कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों को पूरी सैलरी नहीं दी जा रही या फिर देरी से दी जा रही है।

मेहता बोले, वेतन भुगतान न करना अपराध
मेहता ने बताया कि हर राज्य के मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी डॉक्टरों को उनके वेतन का विधिवत भुगतान किया जाए। सरकार 15 मई के आदेश को संशोधित करने के लिए भी आदेश जारी करेगी, जिसमें सभी स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के लिए कम से कम सात दिनों का अनिवार्य क्वारंटीन होगा।

नर्सों की याचिका पर केंद्र को नोटिस
कोरोना से लड़ाई लड़ रही नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा उपकरण व सुविधा देने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। याचिका केरल के 3.8 लाख नर्सों के संगठन की ओर से दायर की गई है।

एंबुलेंस सेवा बढ़ाने की मांग पर सरकार को नोटिस
देश में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए एंबुलेंस सेवा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।


साथ ही पीठ ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि एंबुलेंस सेवा के लिए लोगों से मनमानी रकम वसूली जा रही है। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस पहलू पर भी गौर करने के लिए कहा है।

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