{"_id":"5c988656bdec2213e272f2fe","slug":"sc-asks-election-commission-to-file-affidavit-on-physical-verification-of-vvpat","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से वीवीपैट को लेकर हलफनामा दाखिल करने का दिया निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से वीवीपैट को लेकर हलफनामा दाखिल करने का दिया निर्देश
Mon, 25 Mar 2019 01:12 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 25 Mar 2019 01:12 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को 28 मार्च तक यह बताने का निर्देश दिया है कि क्या वह आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए मौजूदा समय में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किए जाने वाले वीवीपैट के नमूना सर्वेक्षण की संख्या बढ़ाकर एक से ज्यादा कर सकता है।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने आयोग से कहा कि वह 28 मार्च को अपराह्न चार बजे तक इस संबंध में जवाब दें। पीठ ने आयोग को यह बताने का भी निर्देश दिया कि क्या मतदाताओं की संतुष्टि के लिए वोटर वैरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
पीठ ने संकेत दिया कि वह चाहती है कि वीवीपैट की संख्या बढ़ाई जाए। उसने कहा कि यह आशंकाएं पैदा करने का सवाल नहीं है बल्कि यह ‘संतुष्टि’ का मामला है। पीठ ने इस निर्देश के साथ ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई एक अप्रैल के लिए स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
विपाक्षी नेताओं की याचिका में मांग की गई है कि लोकसभा चुनावों में हर विधानसभा सीट में कम से कम 50 फीसदी वोटिंग मशीनों की वीवीपैट पर्चियों की जांच की जाए।
विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने आयोग से कहा कि वह 28 मार्च को अपराह्न चार बजे तक इस संबंध में जवाब दें। पीठ ने आयोग को यह बताने का भी निर्देश दिया कि क्या मतदाताओं की संतुष्टि के लिए वोटर वैरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन
पीठ ने संकेत दिया कि वह चाहती है कि वीवीपैट की संख्या बढ़ाई जाए। उसने कहा कि यह आशंकाएं पैदा करने का सवाल नहीं है बल्कि यह ‘संतुष्टि’ का मामला है। पीठ ने इस निर्देश के साथ ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई एक अप्रैल के लिए स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
विपाक्षी नेताओं की याचिका में मांग की गई है कि लोकसभा चुनावों में हर विधानसभा सीट में कम से कम 50 फीसदी वोटिंग मशीनों की वीवीपैट पर्चियों की जांच की जाए।
Supreme Court asks Election Commission to file an affidavit by March 28 on why physical verification of VVPAT paper trail should not be extended to more than one polling station per assembly segment. Court to hear the matter on April 1. pic.twitter.com/82cTXmxFBP
— ANI (@ANI) March 25, 2019