Seat Ka Samikaran: यहां से जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं मंत्री विजय चौधरी, ऐसा है सरायरंजन का चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सरायरंजन विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से वर्तमान में नीतीश सरकार में मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी विधायक हैं।
विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव चंद महीने दूर हैं। सियासी बिसात पर शह मात का खेल भी शुरू हो चुका है। इस चुनावी साल में अमर उजाला अलग-अलग सीरीज के जरिए बिहार की सियासत के बारे में बता रहा है। इसी से जुड़ी ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज हम सरायरंजन विधानसभा सीट की बात करेंगे।
पहले जानते है सरायरंजन सीट के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक समस्तीपुर जिला भी है। यह जिला 4 अनुमंडल और 20 ब्लॉक में बंटा हुआ है। समस्तीपुर जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें कल्याणपुर (एससी), वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मोरवा, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसेरा (एससी) और हसनपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। आज बात सरायरंजन विधानसभा सीट की करेंगे। सरायरंजन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र समस्तीपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट सबसे पहले 1967 के चुनावों में सरायरंजन नाम से सीट अस्तित्व में आई।
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1967: संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की जीत
1967 के विधानसभा चुनाव में सारयरंजन से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के रामविलास मिश्र को जीत मिली थी। एसएसपी के रामविलास मिश्र ने पीएसपी के एस.एल. महतो को 7,707 वोट से हरा दिया था।
1969 में इस सीट पर दूसरी बार चुनाव हुए जिसमें मौजूदा विधायक ने एक बार फिर से जीत हासिल की थी। एसएसपी के रामविलास मिश्र ने कांग्रेस के बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह को 9,809 वोट से हरा दिया था।
1972: जनसंघ को मिली जीत
1972 के चुनाव में दो बार के विधायक रामविलास मिश्र इस सीट से हार गए। जनसंघ के चंद्रेश्वर प्रसाद ने सोशलिस्ट पार्टी रामविलास मिश्र को 2,345 वोट से हरा दिया था।
1977: जनता पार्टी को मिली जीत
1977 में सरायरंजन सीट से यशोदा नंद सिंह को जीत मिली थी। जनता पार्टी के यशोदा नंद सिंह ने कांग्रेस के रमाकांत झा को 16,524 वोट से हरा दिया था। 1980 में एक बार फिर से रामविलास मिश्र को इस सीट पर जीतने का मौका मिला। इस बार उन्होंने चौधरी चरण सिंह की जनता पार्टी (सेक्युलर) से चुनाव लडा था। उन्होंने कांग्रेस (आई) के सूरज चौधरी को 6,543 वोट से हरा दिया था।
1985 में इस सीट पर मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच था। कांग्रेस को इस सीट पर पहली बार जीत मिली थी। कांग्रेस के रामाश्रय ईश्वर ने भाजपा के यशोदानंद सिंह को 9,188 वोट से हरा दिया था। इस चुनाव में तत्कालीन विधायक रामविलास मिश्र तीसरे नंबर पर रहे थे।
1990: रामविलास मिश्र को मिली चौथी जीत
1990 में एक बार फिर से रामविलास मिश्र को सरायरंजन सीट से जीत मिली। इस बार वह जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। रामविलास मिश्रा ने कांग्रेस के नंदू झा को 3,742 वोट से हरा दिया। भाजपा के यशोदा नंद सिंह 23,551 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
1995: जनता दल को फिर मिली जीत
1995 में एक बार फिर से जनता दल को इस सीट पर जीत मिली। जनता दल के रामाश्रय साहनी ने कांग्रेस के नंदू झा को 40,495 वोट से हरा दिया। 2000 के विधानसभा चुनाव में ही रामाश्रय साहनी को ही इस सीट से जीत मिली थी। लेकिन इस बार वह राजद से चुनाव लड़ रहे थे। राजद के रामाश्रय साहनी ने भाजपा के चंद्रकांत चौधरी को 5,732 वोट से हरा दिया था।
2005 के दोनों चुनावों में राजद को जीत
बिहार में 2005 में दो बार चुनाव कराने पड़े थे। पहली बार चुनाव फरवरी में हुए थे और दूसरी बार अक्तूबर में हुए थे। दोनों ही चुनावों में राजद को ही जीत मिली थी। इस बार राजद भी अपना उम्मीदवार बदल चुकी थी। फरवरी 2005 में राजद के राम चन्द्र सिंह निषाद ने लोक जन शक्ति पार्टी के साजन कुमार मिश्रा को 9,476 वोट से हरा दिया था।
अक्तूबर 2005 के चुनाव में एक फिर से राजद से रामचंद्र सिंह निषाद को जीत मिली थी। इस बार उन्होंने जदयू के विजय कुमार चौधरी को 9,270 वोट से हराया था।
2010: विजय कुमार चौधरी का उदय
जदयू के विजय कुमार चौधरी को इस सीट पर लगातार तीन बार जीत मिली है। 2010 से लगातार वह इस सीट पर जीतते आ रहे हैं। इससे पहले इस सीट पर कोई उम्मीदवार लगातार तीन बार नहीं जीता था। 2010 में जदयू के विजय कुमार चौधरी ने राजद के रामाश्रय साहनी को 17,557 वोट से हरा दिया था। 2015 में फिर से विजय कुमार चौधरी ने जीत दर्ज की थी। जदयू के विजय कुमार चौधरी ने भाजपा की रणजीत निर्गुणी को 34,044 वोट से हरा दिया था। इस चुनाव में महागठबंधन को बड़ी जीत मिली थी। महागठबंधन में राजद और जदयू एक साथ चुनाव लड़ रही थीं। जीत के बाद विजय चौधरी को विधानसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया।
2020 में विजय कुमार चौधरी ने फिर से अपनी सीट पर जीत दर्ज की। विजय कुमार चौधरी ने राजद के अरबिंद कुमार को 3,624 वोट से हरा दिया। अभी चौधरी नीतीश सरकार में जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री हैं।
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