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अभिषेक बनर्जी के कोलकाता पार्टी कार्यालय पर बढ़ा विवाद: भवन मालिक ने किया हाईकोर्ट का रुख, लगाए क्या आरोप?
Tue, 08 Sep 2026 10:22 PM IST
देवेश त्रिपाठी
आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 08 Sep 2026 10:22 PM IST
सार
कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित इमारत की मालिक रमा देवी गोयनका ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय को सातवीं और आठवीं मंजिल से खाली कराने की अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने निचली अदालत के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को चुनौती दी है।
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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को कोलकाता का अपना पार्टी कार्यालय खाली करना पड़ सकता है। दरअसल, कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित उस इमारत की मालिक रमा देवी गोयनका ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया, जहां बनर्जी का पार्टी कार्यालय है। उन्होंने इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल से पार्टी कार्यालय खाली कराने की अनुमति मांगी है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ में हुई। भवन मालिक ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें फिलहाल मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था।
भवन मालिक ने टीएमसी पर लगाए क्या आरोप?
भवन मालिक ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी के बिना इमारत की छत पर एक विज्ञापन बोर्ड लगाया गया। इसके अलावा, लीज समझौते में शामिल दो मंजिलों के अलावा सीढ़ियों, गैराज और छत के कुछ हिस्सों पर भी कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया।
मालिक ने पांच महीने से किराया नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
क्या है इमारत को लेकर विवाद?
इसी इमारत को लेकर पिछले महीने भी विवाद हुआ था। 27 अगस्त को कोलकाता नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी, पुलिसकर्मियों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कथित अवैध विज्ञापन बोर्ड को हटाना था। इस दौरान तनाव बढ़ गया। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ-ब्रायन और अन्य नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों का विरोध किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
घटना के बाद स्थानीय शेक्सपियर सरणी थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा भंग करने की कोशिश का आरोप लगाया गया।
अभिषेक बनर्जी समेत कई टीएमसी नेताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा
तीन में से दो प्राथमिकी में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव डेरेक ओब्रायन और अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय से भी शेक्सपियर सरणी थाने के पुलिसकर्मी पूछताछ कर चुके हैं।
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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ में हुई। भवन मालिक ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें फिलहाल मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था।
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भवन मालिक ने टीएमसी पर लगाए क्या आरोप?
- भवन मालिक ने पहले आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इमारत की दोनों मंजिलों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इस संबंध में उन्होंने पार्टी को नोटिस भी दिया था।
- उन्होंने निचली अदालत में भी याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस ने पिछले पांच महीनों से दोनों मंजिलों का किराया नहीं दिया है। हालांकि, निचली अदालत ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
- भवन मालिक के आरोपों के अनुसार, 1 मार्च 2020 को इमारत मालिक और ऑल इंडिया यूथ तृणमूल कांग्रेस के बीच हुए लीज समझौते में प्रावधान था कि पहले इमारत का पूर्णता प्रमाणपत्र दिया जाएगा और उसके बाद ही सातवीं और आठवीं मंजिल का कब्जा दिया जाएगा।
- आरोप है कि पूर्णता प्रमाणपत्र जारी होने से पहले ही तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई ने दोनों मंजिलों पर कब्जा कर लिया।
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भवन मालिक ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी के बिना इमारत की छत पर एक विज्ञापन बोर्ड लगाया गया। इसके अलावा, लीज समझौते में शामिल दो मंजिलों के अलावा सीढ़ियों, गैराज और छत के कुछ हिस्सों पर भी कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया।
मालिक ने पांच महीने से किराया नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
क्या है इमारत को लेकर विवाद?
इसी इमारत को लेकर पिछले महीने भी विवाद हुआ था। 27 अगस्त को कोलकाता नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी, पुलिसकर्मियों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कथित अवैध विज्ञापन बोर्ड को हटाना था। इस दौरान तनाव बढ़ गया। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ-ब्रायन और अन्य नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों का विरोध किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
घटना के बाद स्थानीय शेक्सपियर सरणी थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा भंग करने की कोशिश का आरोप लगाया गया।
अभिषेक बनर्जी समेत कई टीएमसी नेताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा
तीन में से दो प्राथमिकी में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव डेरेक ओब्रायन और अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय से भी शेक्सपियर सरणी थाने के पुलिसकर्मी पूछताछ कर चुके हैं।