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Mumbai: 'चोर-मंडल' वाली टिप्पणी पर फंसे संजय राउत, 20 मार्च तक देना होगा स्पष्टीकरण
Wed, 15 Mar 2023 01:26 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 15 Mar 2023 01:26 AM IST
सार
पिछले हफ्ते विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा था कि उन्होंने लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए और समय देने के राउत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। राउत को पहले 3 मार्च तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
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संजय राउत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्यसभा सांसद और शिवसेना नेता संजय राउत की 'चोर-मंडल' करार देने वाली टिप्पणी पर पिछले महीने विधानसभा में हंगामा खड़ा हो गया था। इस मामले में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने राउत से स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, अब उन्हें एक बार फिर से स्पष्टीकरण देने के लिए 20 मार्च तक का समय दिया गया है। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी या शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के महाविकास अघाड़ी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उधर महाराष्ट्र के स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने विधान परिषद में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता स्वीकारी है।
संजय राउत ने मांगा और समय
पिछले हफ्ते विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा था कि उन्होंने लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए और समय देने के राउत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। राउत को पहले 3 मार्च तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। राउत ने संवाददाताओं से कहा, स्पष्टीकरण देने के लिए 20 मार्च तक समय दिया गया है।
चोर मंडल कहने पर खड़ा हुआ था विवाद
संयज राउत की टिप्पणी पर पिछले महीने उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब उन्होंने राज्य को 'विधिमंडल' (विधानमंडल) को 'चोर-मंडल' करार दिया था। सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस सौंपा।
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राजू शेट्टी बोले- भाजपा और एमवीए से नहीं मिलाऊंगा हाथ
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी या शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के महाविकास अघाड़ी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और एमवीए किसानों के हितों में काम नहीं कर रही हैं।
शेट्टी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने 2014 में भाजपा के साथ हाथ मिलाया था क्योंकि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने यह वादा नहीं निभाया। एमवीए ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन का समर्थन किया जो किसानों के खिलाफ था। शेट्टी ने यह भी दावा किया कि भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था और उन्हें महाराष्ट्र इकाई प्रमुख के पद की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि राव ने अपने राज्य में किसानों के लिए बहुत अच्छा काम किया है।
महाराष्ट्र के मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रोत्साहन वितरण में अनियमितता स्वीकारी
महाराष्ट्र के स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने मंगलवार को विधान परिषद में स्वीकार किया कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता थी। बता दें कि केंद्र सरकार घरेलू शौचालयों के निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12000 रुपये का प्रोत्साहन देती है।
चव्हाण ने आरोप लगाया कि छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) जिले की गंगापुर तहसील के 1346 लोगों ने इस प्रोत्साहन के लिए आवेदन किया था। सरकारी रिकॉर्ड से पता चलता है कि 900 लाभार्थियों को पैसा वितरित किया गया था, लेकिन यह उनके बैंक खातों में नहीं आया। उन्होंने कहा, 31 जनवरी को सरकार से (चल रहे सत्र के दौरान) एक प्रश्न पूछा था, जिसके बाद अधिकारी जागे और लाभार्थियों के खोत में पैसा जमा कर दिए। चव्हाण के जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा, 'मैं मानता हूं कि बैंक खातों में पैसा जमा करने में कुछ अनियमितताएं हुई हैं. मुझे लगता है कि यह एक प्रशासनिक चूक है न कि किसी तरह का घोटाला।
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संजय राउत ने मांगा और समय
पिछले हफ्ते विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा था कि उन्होंने लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए और समय देने के राउत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। राउत को पहले 3 मार्च तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। राउत ने संवाददाताओं से कहा, स्पष्टीकरण देने के लिए 20 मार्च तक समय दिया गया है।
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चोर मंडल कहने पर खड़ा हुआ था विवाद
संयज राउत की टिप्पणी पर पिछले महीने उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब उन्होंने राज्य को 'विधिमंडल' (विधानमंडल) को 'चोर-मंडल' करार दिया था। सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस सौंपा।
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राजू शेट्टी बोले- भाजपा और एमवीए से नहीं मिलाऊंगा हाथ
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी या शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के महाविकास अघाड़ी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और एमवीए किसानों के हितों में काम नहीं कर रही हैं।
शेट्टी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने 2014 में भाजपा के साथ हाथ मिलाया था क्योंकि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने यह वादा नहीं निभाया। एमवीए ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन का समर्थन किया जो किसानों के खिलाफ था। शेट्टी ने यह भी दावा किया कि भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था और उन्हें महाराष्ट्र इकाई प्रमुख के पद की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि राव ने अपने राज्य में किसानों के लिए बहुत अच्छा काम किया है।
महाराष्ट्र के मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रोत्साहन वितरण में अनियमितता स्वीकारी
महाराष्ट्र के स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने मंगलवार को विधान परिषद में स्वीकार किया कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता थी। बता दें कि केंद्र सरकार घरेलू शौचालयों के निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12000 रुपये का प्रोत्साहन देती है।
चव्हाण ने आरोप लगाया कि छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) जिले की गंगापुर तहसील के 1346 लोगों ने इस प्रोत्साहन के लिए आवेदन किया था। सरकारी रिकॉर्ड से पता चलता है कि 900 लाभार्थियों को पैसा वितरित किया गया था, लेकिन यह उनके बैंक खातों में नहीं आया। उन्होंने कहा, 31 जनवरी को सरकार से (चल रहे सत्र के दौरान) एक प्रश्न पूछा था, जिसके बाद अधिकारी जागे और लाभार्थियों के खोत में पैसा जमा कर दिए। चव्हाण के जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा, 'मैं मानता हूं कि बैंक खातों में पैसा जमा करने में कुछ अनियमितताएं हुई हैं. मुझे लगता है कि यह एक प्रशासनिक चूक है न कि किसी तरह का घोटाला।