DRDO Chief: समीर वी कामत को DRDO का अध्यक्ष बनाया गया, सतीश रेड्डी को मिली यह जिम्मेदारी
कामत 60 साल की आयु पूर्ण करने या अगले आदेश तक पद पर रहेंगे। रेड्डी को अगस्त 2018 में दो साल के लिए DRDO प्रमुख नियुक्त किया गया था। उन्हें अगस्त 2020 में पद पर दो साल का विस्तार दिया गया था।
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जाने-माने वैज्ञानिक समीर वी कामत को DRDO का अध्यक्ष बनाया गया। वर्तमान सचिव जी सतीश रेड्डी को रक्षा मंत्री का वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया। कामत फिलहाल में डीआरडीओ के ‘नेवल सिस्टम्स एंड मैटेरियल्स’ प्रभाग के महानिदेशक हैं। वे जी. सतीश रेड्डी का स्थान लेंगे। रेड्डी को रक्षा मंत्री का वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। कामत 60 साल की आयु पूर्ण करने या अगले आदेश तक पद पर रहेंगे। DRDO रक्षा मंत्रालय की अनुसंधान और विकास शाखा है। रेड्डी को अगस्त 2018 में दो साल के लिए DRDO प्रमुख नियुक्त किया गया था। उन्हें अगस्त 2020 में पद पर दो साल का विस्तार दिया गया था।
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार मुद्राकोष में कार्यकारी निदेशक नियुक्त
इस बीच पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में कार्यकारी निदेशक (भारत) नियुक्त किया गया है। कार्मिक मंत्रालय ने गुरुवार को एक आदेश में यह कहा। सुब्रमण्यम फिलहाल इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर (वित्त) हैं। उनकी नियुक्ति एक नवंबर 2022 से तीन साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है। वे डॉ. सुरजीत एस भल्ला की जगह लेंगे। भल्ला का कार्यकाल 31 अक्तूबर 2022 तक है।
निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों का कार्यकाल भी बढ़ाया
इस बीच केंद्र ने निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों का कार्यकाल भी दो साल बढ़ा दिया है। इन्हें 2019 में संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया था। दरअसल, सरकार ने विभागों में 10 संयुक्त सचिव पद के लिए विज्ञापन दिए थे। इनमें से नौ उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई थी, जिनमें से आठ संयुक्त सचिव के रूप में अलग-अलग मंत्रालयों में शामिल हुए थे।
नए आईटीआर-यू रिटर्न से 28 करोड़ रुपये का कर मिला
इस बीच आयकर विभाग ने रिटर्न जमा करने के फॉर्म आईटीआर-यू के तहत करीब 28 करोड़ रुपये का कर जुटाया है। इस फॉर्म को इस वर्ष 2022-23 में अधिसूचित किया गया था। यह कर करदाताओं द्वारा लगभग एक लाख रिटर्न दाखिल करने के बाद जुटाया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा कि यह योजना करदाताओं के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई थी।