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दानशीलता को सलाम: ओडिशा की बुजुर्ग महिला ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति रिक्शा चालक को सौंपी
Sun, 14 Nov 2021 10:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 14 Nov 2021 10:42 PM IST
सार
मीनती पटनायक ने बची जिंदगी रिक्शा चालक सामल के परिवार वालों के साथ बिताने का निर्णय किया है। बीते छह माह में वृद्धा ने अपने पति और इकलौती बेटी को खो दिया है।
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मीनती पटनायक (बाएं से पहली) ने अपनी संपत्ति रिक्शा चालक बुड्डा सामल व उसके परिवार को सौंप दी।
- फोटो : ani
विस्तार
पति व बेटी की एक के बाद लगातार हुई मौत के बाद ओडिशा के कटक जिले के सूताहाट इलाके की की 63 वर्षीय मीनती पटनायक ने अनूठा दान किया है। उन्होंने अपनी एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, जिसमें तीन मंजिला मकान, सोना-चांदी, रुपये शामिल हैं, सब कुछ रिक्शा चालक बुड्ढा सामल को सौंप दिए।
मीनती पटनायक ने बची जिंदगी रिक्शा चालक सामल के परिवार वालों के साथ बिताने का निर्णय किया है। बीते छह माह में वृद्धा ने अपने पति और इकलौती बेटी को खो दिया है। पति व बेटी की मौत के बाद यह महिला बेसहारा हो गई थी। इसके बाद उसके किसी रिश्तेदार व सगे संबंधियों ने उसकी सुध तक नहीं ली थी न कोई सहयोग किया। मीनती पटनायक के साथ एक रिक्शा चालक का परिवार जुड़ा हुआ था। हर मुसीबत में यह परिवार मीनती का सहारा था। इसीलिए मीनती ने यह प्रेरणादायी फैसला किया है।
2020 में हुई थी पति की मौत
संबलपुर की मीनती के पति कृष्ण कुमार पटनायक का वर्ष 2020 में निधन हो गया था। उसके बाद बेटी कोमल ने शादी नहीं करने का फैसला किया, लेकिन छह माह बाद ही कोमल का भी हृदयाघात से निधन हो गया। इसके बाद वह पूरी तरह से टूट चुकी थी। तीन मंजिला मकान में वह खुद को काफी बेसहारा महसूस करती थी। तभी रिक्शा चालक बुड्ढा सामल उनका बड़ा मददगार बना। हालांकि वह पहले से इस परिवार से जुड़ा हुआ था और उसका पूरा खयाल रखता था। उसने मीनती की बेटी कोमल को स्कूल ले जाने से लेकर कृष्ण कुमार के इलाज तक सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे मीनती पटनायक ने उसे अपने रिश्तेदारों से ज्यादा महत्व दिया और अब प्रॉपर्टी भी दे दी। अब बुड्ढा सामल व उसके परिवार वाले मीनती के साथ ही तीन मंजिला मकान में रहने लगे हैं। मीनती ने सारी संपत्ति उसके नाम कर दी है। बुड्ढा सामल को दस्तावेज भी हस्तांतरित कर दिए हैं।
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मीनती पटनायक ने बची जिंदगी रिक्शा चालक सामल के परिवार वालों के साथ बिताने का निर्णय किया है। बीते छह माह में वृद्धा ने अपने पति और इकलौती बेटी को खो दिया है। पति व बेटी की मौत के बाद यह महिला बेसहारा हो गई थी। इसके बाद उसके किसी रिश्तेदार व सगे संबंधियों ने उसकी सुध तक नहीं ली थी न कोई सहयोग किया। मीनती पटनायक के साथ एक रिक्शा चालक का परिवार जुड़ा हुआ था। हर मुसीबत में यह परिवार मीनती का सहारा था। इसीलिए मीनती ने यह प्रेरणादायी फैसला किया है।
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2020 में हुई थी पति की मौत
संबलपुर की मीनती के पति कृष्ण कुमार पटनायक का वर्ष 2020 में निधन हो गया था। उसके बाद बेटी कोमल ने शादी नहीं करने का फैसला किया, लेकिन छह माह बाद ही कोमल का भी हृदयाघात से निधन हो गया। इसके बाद वह पूरी तरह से टूट चुकी थी। तीन मंजिला मकान में वह खुद को काफी बेसहारा महसूस करती थी। तभी रिक्शा चालक बुड्ढा सामल उनका बड़ा मददगार बना। हालांकि वह पहले से इस परिवार से जुड़ा हुआ था और उसका पूरा खयाल रखता था। उसने मीनती की बेटी कोमल को स्कूल ले जाने से लेकर कृष्ण कुमार के इलाज तक सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे मीनती पटनायक ने उसे अपने रिश्तेदारों से ज्यादा महत्व दिया और अब प्रॉपर्टी भी दे दी। अब बुड्ढा सामल व उसके परिवार वाले मीनती के साथ ही तीन मंजिला मकान में रहने लगे हैं। मीनती ने सारी संपत्ति उसके नाम कर दी है। बुड्ढा सामल को दस्तावेज भी हस्तांतरित कर दिए हैं।
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