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महाभियोग पर कांग्रेस में ही उठे विरोध के स्वर, मनमोहन के हस्ताक्षर न होने पर भी सवाल

Fri, 20 Apr 2018 03:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Apr 2018 03:29 PM IST
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Salman Khurshid or Manmohan Singh point of view on Impeachment Motion

कांग्रेस ने छह विपक्षी दलों को साधते हुए भले ही भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया है, मगर इस मामले में पार्टी का अंतर्विरोध भी सार्वजनिक हो गया है।

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वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी की इस मुहिम से दूरी बना ली है, जबकि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर करने वालों की सूची में नाम न होना नई कहानी बयां कर रहा है। हालांकि पार्टी केवरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने मतभेद का खंडन करते हुए कहा कि मनमोहन के पूर्व पीएम होने के कारण पार्टी ने ही उनके हस्ताक्षर नहीं कराया। 
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महाभियोग की चर्चा के बीच पहला विरोध सलमान खुर्शीद की ओर से आया। उन्होंने कहा कि महाभियोग जैसी प्रक्रिया बेहद गंभीर मामला है। मैं सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्टी की चर्चा में शामिल नहीं हूं। इतना ही नहीं सलमान ने यह भी कहा कि कोर्ट से सभी पक्ष कभी सहमत नहीं हो सकते। यहां तक कि खुद कोर्ट केजजों में भी असहमति रहती है। कोर्ट के फैसले भी पलट दिए जाते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव से आप सहमत हैं तो उन्होंने कहा कि जब मैं इस चर्चा में ही शामिल नहीं हूं तब मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं है।  
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खुर्शीद ने कहा कि वकील का काला गाउन और सफेद बैंड पहनने वाले आदमी के लिए कोर्ट के फैसले पर सोच कर सवाल उठाने चाहिए। यह संवेदनशील मामला है। शीर्ष कोर्ट के फैसले पर राजनीति करने को उचित नहीं कहा जा सकता। 


सीजेआई पर कांग्रेस के आरोप 
1. प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट मामले में उठाया लाभ।
2. मुख्य न्यायाधीश के पद के अनुरूप आचरण नहीं।
3. प्रसाद एजुकेशन विवाद में न्यायिक-प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं अपनाया।
4. फर्जी हलफनामा के सहारे जमीन हासिल किया।
5. संवदेनशील मामलों को चुनिंदा बेंच को दिया।

- महाभियोग पर 7 दलों के 64 मौजूदा और 7 पूर्व सदस्यों ने किए हस्ताक्षर।
- यह संख्या जरूरी 50 से 14 ज्यादा ।
- कांग्रेस, सपा, माकपा, राकांपा, भाकपा, बसपा और मुस्लिम लीग ने मिलाए हाथ ।
- महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए गिनाए पांच कारण।

 

 
 

 

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