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सैफुद्दीन सोज ने कुलगाम में स्थानीय नागरिकों के मारे जाने की निंदा की
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jul 2018 08:31 PM IST
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saifuddin soz
पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने शनिवार को कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प में मारे गए तीन नागरिकों को लेकर केंद्र सरकार की शांति नीति पर निशाना साधा है। अपने बयान में उन्होंने कहा, कुलगाम की घटना साबित करती है कि कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा स्थापित प्रक्रिया मापदंडों का उल्लंघन कर रही है।
सोज ने कहा, एक तरफ भारत सरकार कश्मीर में किसी भी कीमत पर शांति स्थापित करने की बात कह रही है तो वहीं दूसरी ओर तय मापदंडों को ताक पर रख रही है। हैरानी इस बात की है कि कुलगाम जैसी घटना पर सिविल सोसायटी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विपक्षी पार्टियां भी पूरी तरह चुप्पी साधे बैठी हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि भारत सरकार कश्मीर में शांति प्रक्रिया को लेकर दोहरी नीति अपना रही है। एक तरफ सरकार शांति का राग अलापती है तो दूसरी ओर कुलगाम जैसी घटना को अंजाम दिया जा रहा है। सुरक्षा बलों को मिले विशेष अधिकार कानून एएफएसपीए का उल्लंघन पहले भी होता रहा है और आज भी सुरक्षा बल इसकी आड़ में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं।
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प्रोफेसर सोज ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा, यह आयोग भी कश्मीर को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय है।
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सोज ने कहा, एक तरफ भारत सरकार कश्मीर में किसी भी कीमत पर शांति स्थापित करने की बात कह रही है तो वहीं दूसरी ओर तय मापदंडों को ताक पर रख रही है। हैरानी इस बात की है कि कुलगाम जैसी घटना पर सिविल सोसायटी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विपक्षी पार्टियां भी पूरी तरह चुप्पी साधे बैठी हैं।
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उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि भारत सरकार कश्मीर में शांति प्रक्रिया को लेकर दोहरी नीति अपना रही है। एक तरफ सरकार शांति का राग अलापती है तो दूसरी ओर कुलगाम जैसी घटना को अंजाम दिया जा रहा है। सुरक्षा बलों को मिले विशेष अधिकार कानून एएफएसपीए का उल्लंघन पहले भी होता रहा है और आज भी सुरक्षा बल इसकी आड़ में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं।
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प्रोफेसर सोज ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा, यह आयोग भी कश्मीर को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय है।