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Sabarimala Gold Row: सबरीमाला सोना चोरी मामले में एक और कार्रवाई, तिरुवभरणम के पूर्व आयुक्त गिरफ्तार
Fri, 07 Nov 2025 12:04 AM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: लव गौर
Updated Fri, 07 Nov 2025 12:04 AM IST
सार
Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने एक और कार्रवाई की है। एसआईटी ने तिरुवभरणम के पूर्व आयुक्त के.एस. बैजू को गिरफ्तार किया है।
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सबरीमाला मंदिर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केरल में स्थित प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर सबरीमाला में सोना चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार (06 नवंबर) को तिरुवभरणम (पवित्र आभूषण) के पूर्व आयुक्त के.एस. बैजू को गिरफ्तार कर लिया। बैजू, जो वर्तमान में सेवानिवृत्त हैं, जुलाई 2019 में जब द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों के सोने के आवरण हटाकर विद्युत लेपन के लिए ले जाए गए थे, तब वे तिरुवभरणम आयुक्त के रूप में कार्यरत थे।
बैजू की गैर मौजूदगी किसी साजिश का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक बैजू 19 और 20 जुलाई को अवकाश पर थे, उसी दौरान द्वारपालक की मूर्तियां सबरीमाला से हटाई गईं और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपी गईं, जिसने इलेक्ट्रोप्लेटिंग के काम को प्रायोजित किया था। पुलिस ने कहा कि विशेष जांच दल को संदेह है कि उन महत्वपूर्ण दिनों में बैजू की अनुपस्थिति किसी साजिश का हिस्सा थी। टीम का मानना है कि उनकी निगरानी में कमी और प्रक्रियागत चूक के कारण ही सोने की चोरी संभव हुई।
शुक्रवार को कोर्ट में किया जाएगा पेश
एक अधिकारी ने बताया कि बैजू, जिन्हें मामले में सातवां आरोपी बनाया गया है, गुरुवार दोपहर तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए थे। पूछताछ के बाद शाम को एसआईटी ने उनकी गिरफ्तारी दर्ज की। उन्हें शुक्रवार को पथनमथिट्टा जिले की रानी न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा।
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ये भी पढ़ें: Kerala: सबरीमाला मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग, भाजपा अभियान में एक करोड़ लोगों से कराएगी हस्ताक्षर
तीसरे अधिकारी की गिरफ्तारी
मुरारी बाबू और सुधीश कुमार के बाद, बैजू इस मामले में गिरफ्तार होने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के तीसरे अधिकारी हैं। अदालत शुक्रवार को बाबू और कुमार की हिरासत की मांग वाली एसआईटी की याचिका पर भी विचार करेगी। वहीं सोना चारी के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, वर्तमान में एसआईटी की हिरासत में है।
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बैजू की गैर मौजूदगी किसी साजिश का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक बैजू 19 और 20 जुलाई को अवकाश पर थे, उसी दौरान द्वारपालक की मूर्तियां सबरीमाला से हटाई गईं और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपी गईं, जिसने इलेक्ट्रोप्लेटिंग के काम को प्रायोजित किया था। पुलिस ने कहा कि विशेष जांच दल को संदेह है कि उन महत्वपूर्ण दिनों में बैजू की अनुपस्थिति किसी साजिश का हिस्सा थी। टीम का मानना है कि उनकी निगरानी में कमी और प्रक्रियागत चूक के कारण ही सोने की चोरी संभव हुई।
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शुक्रवार को कोर्ट में किया जाएगा पेश
एक अधिकारी ने बताया कि बैजू, जिन्हें मामले में सातवां आरोपी बनाया गया है, गुरुवार दोपहर तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए थे। पूछताछ के बाद शाम को एसआईटी ने उनकी गिरफ्तारी दर्ज की। उन्हें शुक्रवार को पथनमथिट्टा जिले की रानी न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा।
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तीसरे अधिकारी की गिरफ्तारी
मुरारी बाबू और सुधीश कुमार के बाद, बैजू इस मामले में गिरफ्तार होने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के तीसरे अधिकारी हैं। अदालत शुक्रवार को बाबू और कुमार की हिरासत की मांग वाली एसआईटी की याचिका पर भी विचार करेगी। वहीं सोना चारी के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, वर्तमान में एसआईटी की हिरासत में है।