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रायसीना डायलॉग : जयशंकर ने कहा- अफगानिस्तान को दोहरी शांति की जरूरत
Sat, 17 Apr 2021 03:18 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 17 Apr 2021 03:18 AM IST
सार
- अफगानिस्तान की जनता की भलाई के लिए भारत जो कुछ कर सकता है करेगा
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एस जयशंकर
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के दो दिन बाद शुक्रवार को भारत ने कहा कि यह युद्ध से तबाह हुए देश के लिए बड़ा कदम है।
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विदेशमंत्री एस जयशंकर ने इसे निश्चित दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि अफगानिस्तान को दोहरी शांति की जरूरत है। सभी हितधारक मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि जो कदम उठाया गया है वह सही है और उसके नतीजे अफगानिस्तान की जनता की भलाई के लिए होंगे।
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जयशंकर ने ईरानी विदेशमंत्री जवाद जरीफ और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहीब के साथ रायसीना डायलॉग में कहा कि अफगानिस्तान को दोहरी शांति की जरूरत है। उसे देश के अंदर और अपने पड़ोस में भी शांति चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों के हितों की रक्षा के लिए भारत के अख्तियार में जो कुछ है वह करेगा और उसके पड़ोसियों के साथ रिश्तों को भी ठीक करेगा। जयशंकर ने कहा कि हमें हमेशा से विश्वास था कि यह कदम अफगानिस्तान के लिए और अफगानिस्तान नियंत्रित प्रक्रिया होगी।
अफगानिस्तान में समावेशी सियासी समाधान होना चाहिए : भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के दो दिन बाद भारत ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध से तबाह देश में कोई भी राजनीतिक समाधान समावेशी होना चाहिए। साथ ही कहा कि पिछले 19 सालों के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक लाभ को बचाकर रखना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य अभियान समाप्त कर सेना की वापसी का फैसला लिया है। भारत अगले कदम के लिए अफगानिस्तान के हितधारकों और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा और लक्षित हत्या को लेकर बेहद चिंतित है और इसलिए उसने तुरंत और व्यापक संघर्षविराम की अपील की है।