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Indian Railway: स्विटजरलैंड जितने रेलवे ट्रैक भारत ने एक साल में बिछा डाले; काम में तेजी पर RTI से मिला जवाब
Wed, 08 May 2024 06:23 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 08 May 2024 06:23 PM IST
सार
सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत दायर एक आवेदन पर सरकार ने बताया है कि 2014 से 2023 के बीच 10 वर्षों की अवधि में कुल 27057.7 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए गए। प्रतिदिन औसत 7.41 किलोमीटर रेलवे पटरी बिछाई गई।
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रेलवे ट्रैक बिछाने पर RTI, सरकार ने दी दिलचस्प जानकारी (सांकेतिक)
- फोटो : फ्री पिक/ अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय रेलवे के अंतर्गत पिछले 10 साल में कितनी तेजी से काम हुआ है? इसका जवाब सूचना का अधिकार कानून (RTI) के तहत मिला है। भारतीय रेलवे ने बताया कि देशभर में पिछले ,साल जितने रेलवे ट्रैक बिछाए गए, उतने पूरे स्विटजरलैंड में हैं। आरटीआई आवेदन पर अपने जवाब में भारतीय रेलवे ने बताया कि पिछले 10 साल में औसतन 7.41 किलोमीटर पटरियां बिछाई गईं। इस आंकड़े में नई लाइन बिछाना, मौजूदा पटरियों का दोहरीकरण, लाइनों को तिहरा बनाने के साथ-साथ गेज परिवर्तन भी शामिल है। रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक दस वर्षों में कुल 27057.7 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए गए।
आंकड़ा स्विट्जरलैंड के पूरे नेटवर्क के बराबर
रेलवे ट्रैक बिछाए जाने से जुड़ी जानकारी पाने के लिए मध्य प्रदेश के चंद्र शेखर गौड़ ने आरटीआई आवेदन दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि सरकार के जवाब के आधार पर औसत आंकड़ा 7.41 किलोमीटर प्रतिदिन आता है। बता दें कि हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि वर्तमान में भारतीय रेल प्रतिदिन लगभग 15 किमी नई पटरियां बिछा रहा है। दो फरवरी को रेल भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान वैष्णव ने कहा था कि रेलवे ने पिछले साल (2023 में) 5,200 किमी नए ट्रैक बिछाए। यह आंकड़ा स्विट्जरलैंड के पूरे नेटवर्क के बराबर है। उन्होंने बताया कि इस साल रेलवे 5,500 किमी ट्रैक बिछाएगी।
10 साल में औसत 11 KM अधिक हुआ
बकौल रेल मंत्री, 2014 में केवल चार किलोमीटर प्रतिदिन ट्रैक बिछाए जा रहे थे। अब उस औसत से 11 किमी अधिक यानी औसतन 15 किलोमीटर प्रतिदिन की दर से ट्रैक बिछाए जा रहे हैं। आरटीआई के जवाब में मिली दिलचस्प जानकारी पर बिंदुवार एक नजर:
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गौरतलब है कि पूर्व नौकरशाह अश्विनी वैष्णव को जुलाई 2021 में रेल मंत्रालय सौंपा गया था। अधिकारियों का कहना है कि साल 2022-23 भारतीय रेलवे के लिए अभूतपूर्व वर्ष के रूप में देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे ने अपने इतिहास में अब तक का सबसे अधिक लंबाई के ट्रैक बिछाए हैं।
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आंकड़ा स्विट्जरलैंड के पूरे नेटवर्क के बराबर
रेलवे ट्रैक बिछाए जाने से जुड़ी जानकारी पाने के लिए मध्य प्रदेश के चंद्र शेखर गौड़ ने आरटीआई आवेदन दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि सरकार के जवाब के आधार पर औसत आंकड़ा 7.41 किलोमीटर प्रतिदिन आता है। बता दें कि हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि वर्तमान में भारतीय रेल प्रतिदिन लगभग 15 किमी नई पटरियां बिछा रहा है। दो फरवरी को रेल भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान वैष्णव ने कहा था कि रेलवे ने पिछले साल (2023 में) 5,200 किमी नए ट्रैक बिछाए। यह आंकड़ा स्विट्जरलैंड के पूरे नेटवर्क के बराबर है। उन्होंने बताया कि इस साल रेलवे 5,500 किमी ट्रैक बिछाएगी।
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10 साल में औसत 11 KM अधिक हुआ
बकौल रेल मंत्री, 2014 में केवल चार किलोमीटर प्रतिदिन ट्रैक बिछाए जा रहे थे। अब उस औसत से 11 किमी अधिक यानी औसतन 15 किलोमीटर प्रतिदिन की दर से ट्रैक बिछाए जा रहे हैं। आरटीआई के जवाब में मिली दिलचस्प जानकारी पर बिंदुवार एक नजर:
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- 2022-23 में रेलवे ने कुल 3,901 किमी ट्रैक बिछाए।
- इस साल 473 किमी नई पटरियां बिछाई गईं।
- साल 2022-23 में 3185.53 किमी रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण हुआ।
- 242.2 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर गेज परिवर्तन का काम हुआ।
गौरतलब है कि पूर्व नौकरशाह अश्विनी वैष्णव को जुलाई 2021 में रेल मंत्रालय सौंपा गया था। अधिकारियों का कहना है कि साल 2022-23 भारतीय रेलवे के लिए अभूतपूर्व वर्ष के रूप में देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे ने अपने इतिहास में अब तक का सबसे अधिक लंबाई के ट्रैक बिछाए हैं।