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भाजपा पर नजदीक से नजर रखेगा आरएसएस, पार्टी मुख्यालय के बगल बनाया अपना कार्यालय
संजय मिश्र, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:55 AM IST
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बीजेपी मुख्यालय, 11, अशोक रोड बंगला
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संघ अब भाजपा पर नजदीक से नजर रखेगा। इसके लिए संघ ने अपनी एक संस्था का कार्यालय भाजपा मुख्यालय के बगल वाले बंगले में बनाया है। बताया जा रहा है कि यहां से संघ के इस संगठन के कामकाज के अलावा भाजपा पर नजर रखने का भी काम होगा। सूत्र बताते हैं कि संघ की अहम एवं प्रभावी संस्था इतिहास संकलन का कार्यालय अब संघ कार्यालय झंडेवालान से हस्तांतरित होकर भाजपा मुख्यालय के बगल वाले बंगले 11ए में पहुंच गया है। वैसे तो संघ भाजपा की मातृ संस्था है और भाजपा की रीति नीति पर संघ हावी रहता है। मगर ये सब चीजें अब तक परदे के अंदर ही रहती हैं। औपचारिक तौर पर संघ का यही बयान रहता है कि वह राजनीतिक संगठन नहीं है और भाजपा की रोजाना की गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करता है। अगर भाजपा के लोग उससे राय मांगते हैं तभी वह अपनी राय प्रकट करता है।
मगर अब भाजपा मुख्यालय के बगल वाले बंगले में संघ की संस्था का कार्यालय खोलने को पार्टी की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा का मुख्यालय 11 अशोक रोड पर है, इस बंगले और भाजपा मुख्यालय में महज एक दीवार का फर्क है। माना यह भी जा रहा है कि भले ही यह कार्यालय संघ की संस्था इतिहास संकलन का है मगर इसके जरिए तमाम संघ प्रचारकों और अधिकारियों का यहां आने-जाने का सिलसिला बढ़ेगा।
भाजपा की राजनीति में बंगलों का है अहम रोल
भाजपा की राजनीति में पार्टी मुख्यालय के अगल-बगल के दोनों बंगलों का अहम रोल रहा है। पार्टी मुख्यालय 11 अशोक रोड के एक तरफ 9 अशोक रोड बंगला है। तो दूसरी तरफ 11ए बंगला है। 9 अशोक रोड बंगला पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के नाम आवंटित रहता था। अब किसी अन्य नेता के नाम पर आवंटित है। इस बंगले में अक्सर पार्टी के संगठन महामंत्री का ही निवास रहा है। पहले जेपी माथुर, सुंदर सिंह, कृष्ण लाल सरीखे नेता इस बंगले में रहे। तो अब इसमें पार्टी में वर्तमान राष्ट्रीय संगठन महासचिव राम लाल और सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह निवास करते हैं। तो 11 ए बंगले में वर्तमान में एक हिस्से में बिहार से राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह रहते हैं। तो इसके पिछले हिस्से में राम प्यारे पांडे निवास करते हैं।
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बंगले में अलग से निर्माण वाले हिस्से में पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू परिवार सहित रहते हैं। तो पिछले छोर पर एक किनारे पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का अस्थाई निवास है। वैसे उनका अधिकांश समय प्रवास में ही गुजरता है। मगर पार्टी ने उनके लिए यहां अस्थाई निवास की व्यवस्था की है। कुछ समय पहले इस बंगले में पूर्व संघ प्रचारक एवं भाजपा नेता देव दास आप्टे भी रहा करते थे। अब वे किसी और जगह फ्लैट में चले गए हैं।
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मगर अब भाजपा मुख्यालय के बगल वाले बंगले में संघ की संस्था का कार्यालय खोलने को पार्टी की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा का मुख्यालय 11 अशोक रोड पर है, इस बंगले और भाजपा मुख्यालय में महज एक दीवार का फर्क है। माना यह भी जा रहा है कि भले ही यह कार्यालय संघ की संस्था इतिहास संकलन का है मगर इसके जरिए तमाम संघ प्रचारकों और अधिकारियों का यहां आने-जाने का सिलसिला बढ़ेगा।
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भाजपा की राजनीति में बंगलों का है अहम रोल
भाजपा की राजनीति में पार्टी मुख्यालय के अगल-बगल के दोनों बंगलों का अहम रोल रहा है। पार्टी मुख्यालय 11 अशोक रोड के एक तरफ 9 अशोक रोड बंगला है। तो दूसरी तरफ 11ए बंगला है। 9 अशोक रोड बंगला पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के नाम आवंटित रहता था। अब किसी अन्य नेता के नाम पर आवंटित है। इस बंगले में अक्सर पार्टी के संगठन महामंत्री का ही निवास रहा है। पहले जेपी माथुर, सुंदर सिंह, कृष्ण लाल सरीखे नेता इस बंगले में रहे। तो अब इसमें पार्टी में वर्तमान राष्ट्रीय संगठन महासचिव राम लाल और सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह निवास करते हैं। तो 11 ए बंगले में वर्तमान में एक हिस्से में बिहार से राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह रहते हैं। तो इसके पिछले हिस्से में राम प्यारे पांडे निवास करते हैं।
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बंगले में अलग से निर्माण वाले हिस्से में पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू परिवार सहित रहते हैं। तो पिछले छोर पर एक किनारे पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का अस्थाई निवास है। वैसे उनका अधिकांश समय प्रवास में ही गुजरता है। मगर पार्टी ने उनके लिए यहां अस्थाई निवास की व्यवस्था की है। कुछ समय पहले इस बंगले में पूर्व संघ प्रचारक एवं भाजपा नेता देव दास आप्टे भी रहा करते थे। अब वे किसी और जगह फ्लैट में चले गए हैं।
कैसे खुला इतिहास संकलन का कार्यालय
आरएसएस की शाखा (फाइल फोटो)
किसका है यह बंगला, कैसे खुला इतिहास संकलन का कार्यालय
अधिकारिक तौर पर 11 ए बंगला बिहार से राज्य सभा सांसद गोपाल नारायण सिंह के नाम पर आवंटित है। इस बंगले के एक हिस्से में वे रहते हैं। शेष हिस्सा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निवास के तौर पर इस्तेमाल होता है। अब यहां से संघ की संस्था इतिहास संकलन का कार्यालय भी चलेगा।
अब तक यह कार्यालय संघ के झंडेवालान स्थित कार्यालय से चलता था। मगर संघ मुख्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से संगठनों के कार्यालय इधर-उधर करने पड़े हैं। मगर किसी भी संगठन का कार्यालय भाजपा या सरकारी गलियारों की ओर नहीं खुला है। मगह इतिहास संकलन ने ही अपना कार्यालय भाजपा मुख्यालय के समीप हस्तांतरित किया है।
अक्सर संघ और उसके तमाम संगठनों के प्रचारकों की साठगांठ भाजपा नेताओं संग रहती है। और संघ के कई प्रचारकों को भी भाजपा की चकाचौंध आकर्षित करती रही है। भाजपा मुख्यालय के बगल में संघ की संस्था का कार्यालय खुलने को इसी चकाचौंध से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इतिहास संकलन के एक वरिष्ठ प्रचारक के सांसद गोपाल नारायण सिंह संग रिश्तों के वजह से यह कार्यालय 11ए बंगले में शुरू हुआ है। आने वाले दिनों में इसके जरिए भाजपा में पैठ बढ़ाने और नजर रखने की कवायद भी शुरू होगी।
अधिकारिक तौर पर 11 ए बंगला बिहार से राज्य सभा सांसद गोपाल नारायण सिंह के नाम पर आवंटित है। इस बंगले के एक हिस्से में वे रहते हैं। शेष हिस्सा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निवास के तौर पर इस्तेमाल होता है। अब यहां से संघ की संस्था इतिहास संकलन का कार्यालय भी चलेगा।
अब तक यह कार्यालय संघ के झंडेवालान स्थित कार्यालय से चलता था। मगर संघ मुख्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से संगठनों के कार्यालय इधर-उधर करने पड़े हैं। मगर किसी भी संगठन का कार्यालय भाजपा या सरकारी गलियारों की ओर नहीं खुला है। मगह इतिहास संकलन ने ही अपना कार्यालय भाजपा मुख्यालय के समीप हस्तांतरित किया है।
अक्सर संघ और उसके तमाम संगठनों के प्रचारकों की साठगांठ भाजपा नेताओं संग रहती है। और संघ के कई प्रचारकों को भी भाजपा की चकाचौंध आकर्षित करती रही है। भाजपा मुख्यालय के बगल में संघ की संस्था का कार्यालय खुलने को इसी चकाचौंध से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इतिहास संकलन के एक वरिष्ठ प्रचारक के सांसद गोपाल नारायण सिंह संग रिश्तों के वजह से यह कार्यालय 11ए बंगले में शुरू हुआ है। आने वाले दिनों में इसके जरिए भाजपा में पैठ बढ़ाने और नजर रखने की कवायद भी शुरू होगी।