फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   rohit pawar warns jail bharo protest on june 29 over farm loan waiver conditions

क्या अन्नदाता को मिलेगी कर्ज से राहत?: रोहित पवार ने किया जेल भरो आंदोलन का एलान, सरकार की बढ़ी टेंशन

Sat, 27 Jun 2026 08:57 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, बीड।
पीटीआई, बीड। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 27 Jun 2026 08:57 PM IST
सार

क्या ₹36,585 करोड़ की यह बड़ी योजना शर्तों के जाल में फंसकर रह जाएगी? रोहित पवार ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 29 जून को छत्रपति संभाजीनगर में 'जेल भरो' आंदोलन का एलान किया है। अब देखना यह है कि क्या सरकार झुकती है या आंदोलन उग्र रूप लेता है?
 

विज्ञापन
rohit pawar warns jail bharo protest on june 29 over farm loan waiver conditions
रोहित पवार का बड़ा एलान - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी योजना को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कर्जमाफी योजना की दमनकारी शर्तें वापस नहीं लीं, तो 29 जून को छत्रपति संभाजीनगर में बड़ा 'जेल भरो' आंदोलन होगा। क्या सरकार विपक्ष के इस बड़े हमले को झेल पाएगी? रोहित पवार ने साफ कहा है कि आंदोलन को दबाने की कोशिश हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
विज्ञापन


क्यों फूटा किसानों और विपक्ष का गुस्सा?
क्या सरकार ने पंढरपुर में दिया अपना वादा तोड़ दिया है? रोहित पवार का यही आरोप है। कुछ दिन पहले ही वे इन सख्त शर्तों के खिलाफ सोलापुर जिले के पंढरपुर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। तब जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने उन्हें भरोसा दिया था कि 22 जून से पहले बैठक कर सकारात्मक रास्ता निकाला जाएगा। पवित्र भूमि पंढरपुर का यह वादा हवा में उड़ गया। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वादे की अनदेखी के बाद अब 'जेल भरो' आंदोलन की घोषणा की गई है। मांग सीधी है, शर्तें हटने तक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार लगातार इस मामले को शांत करने में जुटी हुई है, लेकिन रोहित पवार के इस एलान के बाद सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी पर महाभारत: भूख हड़ताल पर बैठे रोहित पवार, सरकार की इन दो शर्तों पर ठनी
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्जमाफी योजना पर विवाद क्यों? 5 वजहें
क्या आप जानते हैं कि इस योजना का गणित क्या है? आइए आंकड़ों की नजर से इस पूरी योजना को समझते हैं। 

₹36,585 करोड़ का बजट: महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस भारी-भरकम राशि की योजना को मंजूरी दी है, जिससे करीब 56 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।


₹2 लाख तक की पूरी माफी: 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए शॉर्ट-टर्म फसल लोन इस दायरे में आएंगे, जो 30 सितंबर 2025 तक ओवरड्यू रहे और 31 मार्च 2026 तक चुकाए नहीं गए।

वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस): ₹2 लाख से अधिक के कर्जदार किसानों को ऊपर की राशि खुद चुकानी होगी। इसके बाद ही ₹2 लाख माफ होंगे। इसके लिए 31 मार्च 2027 तक का समय है।

कोई जमीन सीमा नहीं: 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्ज-मुक्ति योजना' में पात्रता के लिए जमीन की कोई सीमा नहीं रखी गई है।

₹1 फसल बीमा की मांग: विपक्ष कर्जमाफी के साथ-साथ किसानों के लिए ₹1 वाली फसल बीमा योजना को भी तुरंत बहाल करने की मांग कर रहा है।

क्या वाकई किसानों को मिलेगा फायदा?
रोहित पवार का आरोप है कि सरकार की इस नीति से बड़ी संख्या में पात्र किसान लाभ से वंचित रह जाएंगे। कर्जमाफी में लगाई गई तारीखों और नियमों के उलझाव से किसान परेशान हैं। यदि 29 जून तक सरकार ने कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा। राकांपा (एसपी) इसे पूरे राज्य में फैलाकर एक व्यापक 'जेल भरो' आंदोलन में बदलने की तैयारी कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed