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बाढ़ और लू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा: अमित शाह बोले- हर राज्य में प्रबंधन टीमें बनाएं, न हो कोई नुकसान

Mon, 11 May 2026 05:18 AM IST
Pavan अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 11 May 2026 05:18 AM IST
सार

MHA Review: लू और बाढ़ से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें शून्य हताहत आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण को अमल में लाने पर काम करना होगा।

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Review of preparations to deal with floods-heat waves: Amit Shah said- form management teams in every state
बाढ़ और लू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा - फोटो : X @AmitShah

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक में देश में संभावित बाढ़ और लू से निपटने के लिए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन में हताहतों की संख्या शून्य रखने का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश किए जाने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि देश के हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों का गठन किया जाए। उन्होंने बैठक में कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में 30 जोखिम भरी झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की योजना में कम से कम 60 झीलों को शामिल किया जाए। केंद्र और राज्यों के स्तर पर बाढ़ के पूर्वानुमानों के लिए एक एकीकृत व्यवस्था होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों (एफसीएमटी) का गठन कर इन्हें सक्रिय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदाओं को लेकर जारी एनडीएमए के दिशानिर्देशों के जरिये बेहतर जागरूकता और समग्र दृष्टिकोण विकसित हुआ है लेकिन राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर इन दिशानिर्देशों के पालन की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनडीएमए को अध्ययन करना चाहिए कि जंगलों में लगने वाली आग, लू और बाढ़ से निपटने के लिए गृह मंत्रालय के निर्देशों तथा एनडीएमए के दिशानिर्देशों का कितने राज्य पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें शून्य हताहत आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण को अमल में लाने पर काम करना होगा।
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जल संरक्षण की संभावनाएं तलाशें- गृह मंत्री
अमित शाह ने कहा कि जल संचय और चेक डैम परियोजनाओं के जरिये जल संरक्षण में सुधार की और अधिक संभावनाओं को तलाशा जाए। हमारा उद्देश्य लू से कृषि क्षेत्र को न्यूनतम नुकसान हो, साथ ही नदियों पर चेक डैम बना कर जल संरक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएएमपीए फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को बहुआयामी बनाने के लिए किया जाना चाहिए।



'पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए'
गृह मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के मिजाज में आ रहे बदलावों और उनसे उत्पन्न होने वाली आपदा संबंधी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अब नए-नए एप या पोर्टल बनाने के बजाय मौजूद एप और पोर्टल को समेकित कर बेहतर बनाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा की मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

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योजनाएं धरातल पर उतारी जाएं- गृह मंत्री
अमित शाह ने कहा कि इस मौसम के दौरान होने वाली मौतों, पूर्वानुमानों की सटीकता और कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान का अध्ययन कर आने वाले मानसून के आकलन को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच के समन्वय की तारीफ की। कहा कि अब समय आ गया है कि मौसम संबंधी हमारी योजनाएं धरातल तक पहुंचें।
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