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मुंबई में प्रवासी मजदूरों के मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली
Mon, 04 May 2020 10:38 PM IST
Rohit Ojha
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 04 May 2020 10:38 PM IST
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घर लौटते प्रवासी मजदूर
- फोटो : PTI
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मुंबई-ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों से मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर 100 रुपये से लेकर 700 रुपये वसूले जा रहे हैं। कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन में तमाम परेशानियों से रूबरू हो रहे प्रवासियों के सामने एक और समस्या आन पड़ी है। वहीं, आश्वासन के नाम पर राज्य सरकार के अफसर भूषण गगराणी ने सोमवार को कहा कि इस संबंध में सरकार जल्द ही कोई फैसला लेगी।
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दरअसल, मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रवासी मजदूरों की घरवापसी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य किया है। इसके लिए निजी डॉक्टरों को भी अधिकृत किया है। लेकिन प्रमाणपत्र के लिए 100 रुपये से लेकर 700 रुपये वसूले जा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने निजी डॉक्टरों की फीस की दर सुनिश्चित नहीं की है।
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इसके मद्देनजर आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर एक साल पहले से शुरू हुए एक क्लीनिक के डॉ. राहुल घुले से बात की और फिर प्रवासी मजदूरों के लिए सर्टिफिकेट बनवाना शुरू किया है। गलगली ने बताया कि रविवार से वन रुपये क्लीनिक में कुर्ला के प्रवासी मजदूरों की निःशुल्क थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
वहीं, ठाणे में भाजपा पार्षद माधवी ने अपने कार्यालय में ही प्रवासी मजदूरों के लिए निःशुल्क थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। लेकिन अन्य जगहों पर प्रवासी मजदूरों को मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। अनिल गलगली ने आरोप लगाया कि इस प्रवासी मजदूरों से मनमानी वसूली पर सरकार स्थानीय निकाय और पुलिस मौन है जिसके चलते शिकायत का भी कोई असर नहीं हो रहा है।