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Gujarat: पहले से ही शादीशुदा निकला दुष्कर्म का आरोपी, हाईकोर्ट ने नाबालिग पीड़िता के पिता के सामने रखे ये सवाल

Sat, 17 Jun 2023 03:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुजरात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुजरात Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 17 Jun 2023 03:15 PM IST
सार

सात महीने की गर्भवती पीड़िता ने गर्भपात कराने की एक याचिका दायर की थी, जिस पर गुजरात हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। न्यायमूर्ति समीर दवे ने गुरुवार को अधिकारियों से आरोपी को पेश करने को कहा था, जिससे दोनों के बीच समझौते की संभावना को पता लगाया जा सकता।

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Rape accused says he has a wife who is pregnant as HC looks at possibility of compromise' with survivor
GUJARAT HIGHCOURT - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

करीब 17 साल की बच्ची से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के आरोपी ने अदालत को परेशानी में डाल दिया है। दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट आरोपी और पीड़िता के बीच समझौता कराने की सोच रहा था, लेकिन आरोपी ने खुलासा किया कि वह पहले से ही शादीशुदा है और उसकी पत्नी भी गर्भवती है। 

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गर्भपात कराने की एक याचिका

सात महीने की गर्भवती पीड़िता ने गर्भपात कराने की एक याचिका दायर की थी, जिस पर गुजरात हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। न्यायमूर्ति समीर दवे ने गुरुवार को अधिकारियों से आरोपी को पेश करने को कहा था, जिससे दोनों के बीच समझौते की संभावना को पता लगाया जा सकता। शुक्रवार को आरोपी अदालत में पेश हुआ और बताया कि उसकी शादी दो साल पहले हो गई थी और उसकी पत्नी गर्भवती थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अदालत ने अब समझौते की संभावना से इनकार किया है।

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पीड़िता के पिता के आगे कई सवाल

अदालत ने शुक्रवार को मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए कहा कि पीड़िता को गर्भपात कराने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी। तबतक पीड़िता के पिता को समय दिया है कि वह अपनी बेटी से बच्चे के पालन-पोषण के मामले पर राय ले। अदालत ने पीड़िता के पिता से कहा कि अगर दोनों स्वस्थ पाए गए तो मैं अनुमति नहीं दूंगा। भ्रूण का वजन भी अच्छा है। अगर लड़की ने जन्म दिया और बच्चा जीवित रहा तो आप क्या करेंगे? उस बच्चे की देखभाल कौन करेगा? मैं यह भी पूछूंगा कि क्या ऐसे बच्चों के लिए सरकारी योजनाएं हैं। आपको यह भी देखना चाहिए कि क्या कोई उस बच्चे को गोद ले सकता है?

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पूरा मामला यहां पढ़ें- Gujarat HC: गुजरात हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को पेश करने का दिया आदेश, 'समझौता' की संभावना तलाशेगी अदालत


बेटी से लें राय

इन सब सवालों के जवाब के लिए न्यायाधीश ने पीड़िता के पिता को समय दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी से बच्चे के पालन-पोषण के मामले पर राय ले। 


पहले जल्दी मां बनना था सामान्य

इससे पहले बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा था कि एक समय था जब लड़कियों के लिए कम उम्र में शादी करना और 17 साल की उम्र से पहले बच्चे को जन्म देना सामान्य बात थी। वहीं, न्यायाधीश ने हिंदू धर्म के प्राचीन कानूनी पाठ मनुस्मृति का भी हवाला देते हुए संकेत दिया कि यदि लड़की और भ्रूण दोनों स्वस्थ हैं तो वह याचिका की अनुमति नहीं दे सकते हैं। बता दें, पीड़िता ने 24 सप्ताह की उस सीमा को पार कर लिया, जब अदालत के हस्तक्षेप के बिना गर्भपात किया जा सकता है। इसलिए पीड़िता के पिता ने गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है।

 

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