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Maharashtra: 'अब घर पर बैठूंगा, कारोबार पर ध्यान दूंगा..', नारायण राणे ने दिए राजनीति से संन्यास के संकेत
Sun, 04 Jan 2026 10:44 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 04 Jan 2026 10:44 PM IST
सार
Maharashtra: भाजपा नेता और सांसद नारायण राणे ने रविवार को राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए और कहा कि अब वह परिवार के कारोबार पर ध्यान देंगे। उन्होंने बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए अपने बेटों को जिम्मेदारी दी और कार्यकर्ताओं से जनसेवा में समर्पित रहने और अच्छे काम को संजोने की अपील की।
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नारायण राणे
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद नारायण राणे ने रविवार को एक सार्वजनिक सम्मान समारोह में राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब घर बैठकर परिवार के कारोबार पर ध्यान देने का फैसला लिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नारायण राणे (73 वर्षीय) ने कहा कि आज राजनीति में साजिशें आम हो गई हैं, जिससे उन्होंने सक्रिय सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का मन बनाया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, अब मैंने घर बैठने का निर्णय लिया है। मैं अपने दोनों बेटों को संतुष्ट जीवन जीने के लिए कहूंगा। मेरे बाद निलेश (शिव सेना) और नीतेश विकास (राज्य मंत्री) की राजनीति आगे बढ़ाएंगे।
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उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने और थकान ने यह निर्णय लेने पर मजबूर किया और दोनों बेटे राजनीति में अच्छी तरह से स्थापित होने के बाद किसी को परिवार के व्यापार पर ध्यान देना जरूरी था। भावुक होकर राणे ने कार्यकर्ताओं से अच्छे काम को संजोने और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
अपने लंबे सियासी करियर को याद करते हुए राणे ने कहा कि वह अब भी साधारण जीवन जीते हैं और मानवता को अपना सच्चा धर्म मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अतीत में कई बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और अब भी होता है, लेकिन उन्होंने उन लोगों के खिलाफ न बोलने का विकल्प चुना जो उनके विरोध में काम करते हैं।
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महायुति के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राणे ने उन्हें एकजुट रहने और केवल धन के लिए राजनीति में शामिल न होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां टिकती नहीं हैं। उन्होंने राजनीति में नफरत से बचने और व्यक्तिगत हितों से ऊपर संगठन को प्राथमिकता देने की अपील की।
राणे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सिंधुदुर्ग के लोगों के प्यार ने उन्हें अभिभूत कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जिले के विकास में उनका योगदान है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी कि कोई भी नेता उनके बराबर काम कर पाया हो, चाहे पहले या बाद में। राणे 1999 में मुख्यमंत्री रहे। वह कांग्रेस में शामिल होने के बाद कई बार मंत्री भी रहे। बाद में भाजपा में शामिल हुए और 2021 से 2024 तक केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से जीते।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नारायण राणे (73 वर्षीय) ने कहा कि आज राजनीति में साजिशें आम हो गई हैं, जिससे उन्होंने सक्रिय सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का मन बनाया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, अब मैंने घर बैठने का निर्णय लिया है। मैं अपने दोनों बेटों को संतुष्ट जीवन जीने के लिए कहूंगा। मेरे बाद निलेश (शिव सेना) और नीतेश विकास (राज्य मंत्री) की राजनीति आगे बढ़ाएंगे।
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उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने और थकान ने यह निर्णय लेने पर मजबूर किया और दोनों बेटे राजनीति में अच्छी तरह से स्थापित होने के बाद किसी को परिवार के व्यापार पर ध्यान देना जरूरी था। भावुक होकर राणे ने कार्यकर्ताओं से अच्छे काम को संजोने और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
अपने लंबे सियासी करियर को याद करते हुए राणे ने कहा कि वह अब भी साधारण जीवन जीते हैं और मानवता को अपना सच्चा धर्म मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अतीत में कई बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और अब भी होता है, लेकिन उन्होंने उन लोगों के खिलाफ न बोलने का विकल्प चुना जो उनके विरोध में काम करते हैं।
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महायुति के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राणे ने उन्हें एकजुट रहने और केवल धन के लिए राजनीति में शामिल न होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां टिकती नहीं हैं। उन्होंने राजनीति में नफरत से बचने और व्यक्तिगत हितों से ऊपर संगठन को प्राथमिकता देने की अपील की।
राणे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सिंधुदुर्ग के लोगों के प्यार ने उन्हें अभिभूत कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जिले के विकास में उनका योगदान है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी कि कोई भी नेता उनके बराबर काम कर पाया हो, चाहे पहले या बाद में। राणे 1999 में मुख्यमंत्री रहे। वह कांग्रेस में शामिल होने के बाद कई बार मंत्री भी रहे। बाद में भाजपा में शामिल हुए और 2021 से 2024 तक केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से जीते।