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मुंबई में किसान महापंचायत: राकेश टिकैत बोले- सीएम रहते एमएसपी गारंटी के पक्ष में थे पीएम मोदी, अब इस पर कानून लाएं
Sun, 28 Nov 2021 06:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 28 Nov 2021 06:11 PM IST
सार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रविवार को किसान महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी शिरकत की। टिकैत ने यहां केंद्र से किसानों को एमएसपी की गांरटी देने वाला कानून लाने की मांग की।
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राकेश टिकैत
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आयोजित किसान महापंचायत में आने वाले सभी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को हराने की अपील की गई। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून बनने, बिजली कानून में संशोधन वापस लेने और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की लखीमपुर मामले में गिरफ्तारी होने जैसी अन्य मांगों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रखने की भी शपथ ली।
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महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब एमएसपी के समर्थक थे और इसके लिए अखिल भारतीय कानून बनाने के पक्ष में थे। टिकैत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर बहस से भागने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की। दर्शनपाल सिंह, हन्नान मोल्लाह, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, युद्धवीर सिंह, तेजिंदर सिंह विर्क, अतुल अंजान, राजाराम सिंह आदि ने भी महापंचायत को संबोधित किया।
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मोर्चा द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मुंबई की महापंचायत महाराष्ट्र के समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित की गई और इसमें तीन कृषि कानूनों की वापसी को किसानों की जीत के रूप में लेते हुए अन्य मांगों के पूर्ण होने तक संघर्ष जारी रखने का फैसला किया गया। महापंचायत में किसानों, मजदूरों, कृषि श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और छात्रों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
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मनरेगा, पेट्रोल-डीजल जैसी मांगें भी मोर्चा के एजेंडे में
बयान में कहा गया कि मोर्चा अब देश में डीजल, पेट्रोल और गैस के दाम कराने, मनरेगा के तहत काम के दिनों को दोगुना करने और मनरेगा को शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने जैसी मांगो पर भी संघर्ष करेगा।
शहीद कलश यात्रा पहुंची मुंबई
लखीमपुर खीरी के मृत किसानों की अस्थियों को लेकर पुणे से 27 अक्तूबर को शुरू हुई शहीद कलश यात्रा राज्य के 30 से अधिक जिलों से गुजरने के बाद रविवार को हुतात्मा चौक पहुंची। ये संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान 1950 के दशक में शहीद हुए 106 लोगों की याद में बना स्मारक है। इसके बाद अस्थियों को अरब सागर में बिखेर दिया गया।