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Rajnath Singh: 'नौसेना ने चमत्कार किया', चीन के साथ विवाद पर बोले रक्षा मंत्री- बातचीत से निकलेगा समाधान
Sun, 05 May 2024 06:24 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 05 May 2024 06:24 PM IST
सार
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का सालाना रक्षा बजट 21 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में इसे 50 हजार करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य है।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की तारीफ करते हुए कहा कि हाल के दिनों में नौसेना ने चमत्कार किया है। राजनाथ सिंह ने नौसेना के रणनीतिक समुद्री मार्गों पर विभिन्न देशों के व्यापारिक जहाजों की मदद के संबंध में ये बात कही। एक इंटरव्यू में राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना, सेना की थिएटर कमांड स्थापित करने, रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी और चीन के साथ जारी विवाद पर बेबाकी से बात की। तो आइए जानते हैं कि विभिन्न मुद्दों पर क्या बोले राजनाथ सिंह-
'नौसेना ने चमत्कार किया'
पिछले कुछ महीनों में भारतीय नौसेना ने पश्चिमी हिंद महासागर, अदन की खाड़ी, अरब सागर और लाल सागर के आसपास रणनीतिक रूप से अहम जलमार्गों पर कई व्यापारिक जहाजों को हमलों से बचाया और उन्हें मदद पहुंचाई। बीते महीने ही हूती विद्रोहियों ने पनामा का झंडा लगे तेल टैंकर पर हमला किया था, लेकिन भारतीय नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टैंकर को बचाया। इस टैंकर पर 22 भारतीयों समेंत 30 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि 'नौसेना ने चमत्कार किया है और इसके लिए वह बधाई की पात्र है।'
भारतीय नौसेना ने जनवरी से अब तक कई जहाजों पर समुद्री डाकुओं के हमलों के विफल किया है। इस्राइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद हूती विद्रोही लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। ऐसे हालात में भारतीय नौसेना कई जहाजों को हमलों से बचा चुकी है और हिंद महासागर के साथ ही अरब सागर और अदन की खाड़ी में अहम खिलाड़ी बनकर उभरी है। भारतीय नौसेना द्वारा एक और विमानवाहक पोत की मांग की जा रही है। इस पर रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसेना की मांग पर सकारात्मकता के साथ विचार किया जा रहा है। अभी नौसेना के पास दो विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत हैं, लेकिन चीन की बढ़ती चुनौती को देखते हुए नौसेना एक और विमानवाहक पोत की मांग कर रही है।
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रक्षा निर्यात में हुई बढ़ोतरी
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का सालाना रक्षा बजट 21 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में इसे 50 हजार करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य है। अग्निपथ योजना को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी तक इस योजना के संतोषजनक नतीजे मिले हैं और सरकार इस योजना में शामिल युवाओं के भविष्य के लिए कई और कदम उठा रही है।
चीन विवाद पर बोले राजनाथ सिंह-बातचीत चल रही
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं लंबे समय से आमने-सामने हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। चीन से जारी इस विवाद पर राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के साथ बातचीत जारी है और ये सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत से विवाद का समाधान निकल जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'अगर उन्हें (चीन) उम्मीद नहीं होती तो वे भी बात ही क्यों करते, उन्हें भी उम्मीद है।'
भारत और चीन की सेनाएं बीते करीब चार वर्षों से पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आमने-सामने हैं। साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों में गलवां में भीषण झड़प भी हो चुकी है, जिसमें भारत के 20 जवान बलिदान हो गए थे। चीन के भी कई सैनिक इस झड़प में मारे गए थे। भारत का कहना है कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक चीन से संबंध सामान्य नहीं हो सकते।
थिएटर कमांड स्थापित करने में हुई प्रगति
सेना में थिएटर कमांड स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य थिएटर कमांड स्थापित करने की दिशा में प्रगति हुई है। इसके तहत थल सेना, वायुसेना और नौसेनाओं के बीच आम सहमति बन रही है। इससे तीनों सेनाओं की क्षमताओं का एकीकरण होगा और इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
हालांकि थिएटर कमांड व्यवस्था कब तक लागू हो पाएगी, इसकी समय सीमा बताने से रक्षा मंत्री ने इनकार कर दिया। बता दें कि हर थिएटर कमांड में सेना, नौसेना और वायु सेना की ईकाइंया होंगी और ये सभी एक ऑपरेशनल कमांडर के तहत एक ईकाई के रूप में काम करेंगी। योजना के तहत छह थिएटर कमांड स्थापित किए जाने हैं।
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'नौसेना ने चमत्कार किया'
पिछले कुछ महीनों में भारतीय नौसेना ने पश्चिमी हिंद महासागर, अदन की खाड़ी, अरब सागर और लाल सागर के आसपास रणनीतिक रूप से अहम जलमार्गों पर कई व्यापारिक जहाजों को हमलों से बचाया और उन्हें मदद पहुंचाई। बीते महीने ही हूती विद्रोहियों ने पनामा का झंडा लगे तेल टैंकर पर हमला किया था, लेकिन भारतीय नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टैंकर को बचाया। इस टैंकर पर 22 भारतीयों समेंत 30 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि 'नौसेना ने चमत्कार किया है और इसके लिए वह बधाई की पात्र है।'
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भारतीय नौसेना ने जनवरी से अब तक कई जहाजों पर समुद्री डाकुओं के हमलों के विफल किया है। इस्राइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद हूती विद्रोही लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। ऐसे हालात में भारतीय नौसेना कई जहाजों को हमलों से बचा चुकी है और हिंद महासागर के साथ ही अरब सागर और अदन की खाड़ी में अहम खिलाड़ी बनकर उभरी है। भारतीय नौसेना द्वारा एक और विमानवाहक पोत की मांग की जा रही है। इस पर रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसेना की मांग पर सकारात्मकता के साथ विचार किया जा रहा है। अभी नौसेना के पास दो विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत हैं, लेकिन चीन की बढ़ती चुनौती को देखते हुए नौसेना एक और विमानवाहक पोत की मांग कर रही है।
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रक्षा निर्यात में हुई बढ़ोतरी
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का सालाना रक्षा बजट 21 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में इसे 50 हजार करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य है। अग्निपथ योजना को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी तक इस योजना के संतोषजनक नतीजे मिले हैं और सरकार इस योजना में शामिल युवाओं के भविष्य के लिए कई और कदम उठा रही है।
चीन विवाद पर बोले राजनाथ सिंह-बातचीत चल रही
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं लंबे समय से आमने-सामने हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। चीन से जारी इस विवाद पर राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के साथ बातचीत जारी है और ये सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत से विवाद का समाधान निकल जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'अगर उन्हें (चीन) उम्मीद नहीं होती तो वे भी बात ही क्यों करते, उन्हें भी उम्मीद है।'
भारत और चीन की सेनाएं बीते करीब चार वर्षों से पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आमने-सामने हैं। साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों में गलवां में भीषण झड़प भी हो चुकी है, जिसमें भारत के 20 जवान बलिदान हो गए थे। चीन के भी कई सैनिक इस झड़प में मारे गए थे। भारत का कहना है कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक चीन से संबंध सामान्य नहीं हो सकते।
थिएटर कमांड स्थापित करने में हुई प्रगति
सेना में थिएटर कमांड स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य थिएटर कमांड स्थापित करने की दिशा में प्रगति हुई है। इसके तहत थल सेना, वायुसेना और नौसेनाओं के बीच आम सहमति बन रही है। इससे तीनों सेनाओं की क्षमताओं का एकीकरण होगा और इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
हालांकि थिएटर कमांड व्यवस्था कब तक लागू हो पाएगी, इसकी समय सीमा बताने से रक्षा मंत्री ने इनकार कर दिया। बता दें कि हर थिएटर कमांड में सेना, नौसेना और वायु सेना की ईकाइंया होंगी और ये सभी एक ऑपरेशनल कमांडर के तहत एक ईकाई के रूप में काम करेंगी। योजना के तहत छह थिएटर कमांड स्थापित किए जाने हैं।