जम्मू-कश्मीर: राजनाथ ने की पाक फायरिंग की समीक्षा, बॉर्डर पर बसे गांवों में बनेंगे 14,000 नए बंकर
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केंद्र ने पाकिस्तान की ओर से इस साल संघर्षविराम उल्लंघन की 1,252 घटनाओं के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों के लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक योजना को मंजूरी दी है। गृहमंत्रालय ने कठुआ, सांबा, जम्मू, राजौरी और पुंछ से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर 14,000 नए बंकर बनाने के लिए 415 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नॉर्थ ब्लाक में एक उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू-कश्मीर की प्रगति योजनाओं की समीक्षा की। गृहमंत्री ने रमजान के दौरान आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के निलंबन के फैसले के बाद पत्थरबाजी में आई कमी पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान, सीमा पार से हो रही गोलीबारी से गांव वालों की सुरक्षा पर खास चर्चा हुई।
गृहमंत्रालय के मुताबिक, सीमावर्ती गांवों में बंकर बनने का काम जुलाई से शुरू हो जाएगा। गृहमंत्री ने पाकिस्तानी फायरिंग से गांव वालों को हुए नुकसान का मुआवजा बढ़ाने का अहम फैसला किया है। मवेशियों के मारे जाने की सूरत में मुआवजा 30,000 से 50,000 किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो नए बॉर्डर बटालियन बनेंगे
गृहमंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो नए बॉर्डर बटालियन तैयार करने का भी आदेश जारी किया है। यह काम अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस बटालियन मे अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले युवकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए मंत्रालय ने 105 करोड़ रुपये की मंजूरी दे रखी है।
इसके अलावा 5 इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के लिए 4,690 युवकों की भर्ती की जा चुकी है। साथ ही 10,000 एसपीओ के नए पदों के लिए 6,689 युवकों की भर्ती की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
गहमंत्री ने अधिकारियों को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) और छंब से विस्थापित प्रति परिवार को 5.5 लाख रुपये देने के लिए कैंप लगाने का निर्देश दिया है। इसके लिए स्थानीय अखबारों में इश्तेहार देने को कहा गया है। मंत्रालय ने इस मद में 2000 करोड़ रुपये की मंजूरी दे रखी है। अब तक 12,763 ऐसे लोगों को 578 करोड़ बांटे जा चुके हैं।