{"_id":"682528789953c1c4770d483c","slug":"rajnath-singh-india-defence-exports-34-fold-jump-in-a-decade-80-countries-buy-arms-equipment-from-india-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Defence Exports: रक्षा निर्यात में एक दशक में 34 गुना की ऐतिहासिक उछाल; भारत से 80 देशों ने खरीदे हथियार-उपकरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Defence Exports: रक्षा निर्यात में एक दशक में 34 गुना की ऐतिहासिक उछाल; भारत से 80 देशों ने खरीदे हथियार-उपकरण
Thu, 15 May 2025 05:04 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 15 May 2025 05:04 AM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, साल 2024-25 में भारत ने 23,622 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया, 2013-14 में यह 686 करोड़ रुपये था। रक्षा मंत्री के कार्यालय का कहना है कि इस कामयाबी के पीछे रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की भावना है। 'आत्मनिर्भर' और 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रमों के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत ने कई योजनाओं की शुरुआत की है। इसमें उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन भी शामिल है।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : वीडियो ग्रैब @DefenceMinIndia
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर है। पिछले एक दशक में इसमें 34 गुना की बढ़ोतरी हुई है। भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की भावना से प्रेरित पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रहा है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री ने कहा, साल 2024-25 में भारत ने 23,622 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया, 2013-14 में यह 686 करोड़ रुपये था। रक्षा मंत्री के कार्यालय का कहना है कि इस कामयाबी के पीछे रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की भावना है। 'आत्मनिर्भर' और 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रमों के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत ने कई योजनाओं की शुरुआत की है। इसमें उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन भी शामिल है। इसका लक्ष्य वैश्विक बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात बढ़ाना, वैश्विक आपूर्ति शृखला से भारत को जोड़ना और आयात निर्भरता कम करना है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: BJP: 'ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, बेवजह सवाल खड़े न करें...', भाजपा का कांग्रेस और विपक्षी दलों पर पलटवार
विज्ञापन
मेक इन इंडिया पहल पर सरकार के जोर के कारण रक्षा उत्पादन ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। रक्षा विनिर्माण में इस वृद्धि के कारण पिछले कुछ वर्षों में प्रमुख रक्षा विनिर्माण सार्वजनिक उपक्रमों में निवेशकों को अच्छा खासा लाभ भी मिला है। इसी वजह से बड़ी रक्षा उत्पादन कंपनियों में बाहरी निवेश आया है। यही नहीं सरकार रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण में काफी निवेश कर रही है। इस वजह से दुनिया की जानी-मानी कंपनियों ने जटिल रक्षा व एयरोस्पेस की जानकारियां साझा करने की इच्छा जताई हैं।
80 देशों में निर्यात हुए हथियार-उपकरण
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में करीब 80 देशों को गोला-बारूद, हथियार, उप-प्रणालियां, प्रणालियां और पुर्जों सहित विभिन्न प्रकार के उपकरणों का निर्यात किया गया।
ये भी पढ़ें: PM Modi: नक्सलियों पर कार्रवाई को लेकर पीएम मोदी ने जताई खुशी, कहा- हमारा अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा
2029 तक 50,000 करोड़ का लक्ष्य
सरकार अब 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के वार्षिक निर्यात का लक्ष्य बना रही है, जिससे उसकी वैश्विक उपस्थिति मजबूत होगी।
पाक संघर्ष ने दिखाया आत्मनिर्भरता अहम
पाकिस्तान के साथ हालिया संघर्ष ने भी इस तथ्य की ओर संकेत किया है कि रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करना महत्वपूर्ण है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन