Rajasthan: कर्नाटक में वोटिंग के दिन राजस्थान में प्रधानमंत्री टटोलेंगे वोटरों की नब्ज, यह है BJP की रणनीति
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विस्तार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होने जा रहा है। इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय दौरे पर राजस्थान में रहेंगे। पीएम की इस रैली को विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत बताया जा रहा है। पीएम की रैली के बाद अगले दो सप्ताह में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी वोटर्स को साधने के लिए राजस्थान की ओर कूच करेंगे।
08 मई की शाम तक भाजपा के तमाम दिग्गज नेता कर्नाटक चुनावों में व्यस्त रहेंगे। राज्य में 10 मई को मतदान होगा। ऐसे में उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान के सिरोही के आबूरोड में सभा करेंगे। आठ माह में मोदी का राजस्थान में का पांचवां दौरा होगा। इस रैली के जरिए वे कर्नाटक के वोटर्स को भी मैसेज देंगे। पीएम की इस सभा का असर प्रदेश की सिरोही, जालौर और पाली की 14 सीटों पर प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा 100 किमी के दायरे में आने वाली राजसमंद, उदयपुर और अजमेर के ब्यावर जैसी सीटों से भाजपा कार्यकर्ता भी इस रैली पहुंचेंगे। पीएम की सभा में भीड़ जुटाने के लिए भाजपा सिरोही, पाली व जालोर के अलावा आसपास के जिलों से भी भीड़ जुटाने की तैयारी में लगी हुई है।
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आदिवासी सहित विभिन्न समाज को साधने की कवायद
दक्षिण राजस्थान के सिरोही, पाली, जालोर, उदयपुर और राजसमंद जिलों में भाजपा की स्थिति मजबूत है। इन पांच जिलों में कुल 26 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 19 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। जबकि दक्षिण राजस्थान के अन्य तीन जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ की कुल 11 सीटों में से अभी भाजपा के पास सिर्फ तीन सीटें हैं। पिछले साल ही एक नंवबर को पीएम क्षेत्र के आदिवासी बहुल क्षेत्र मानगढ़ धाम में एक रैली के लिए पहुंचे थे। इस धाम का विकास कार्य केंद्र सरकार की देखरेख में किया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पीएम एक बार फिर बांसवाड़ा पहुंच सकते है। यहां वे सभा कर आदिवासियों को साधने की कोशिश कर सकते हैं।
अमर उजाला से चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर का कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दौरे और सभाओं से जहां पार्टी मजबूत है, वहीं पकड़ और मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी तरह जहां पार्टी कमजोर स्थिति में वहां जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर सुधार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पार्टी बहुत ही कमजोर स्थिति में है। वहां प्रभावशाली समाज पर फोकस किया जा रहा है। क्योंकि ये समाज चुनाव में हार जीत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। पार्टी विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सम्मेलन के जरिए और प्रभावशाली के चेहरों के सहारे नए वोटर्स को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे तय किए जा रहे हैं।
अक्तूबर तक मनेगा भैरोंसिंह जन्म शताब्दी वर्ष, शामिल होंगे शाह-राजनाथ
एक तरफ जहां पीएम मोदी 10 मई को कांग्रेस पर हमलावर होंगे। वहीं पीएम के दौरे के 15 दिन के भीतर ही केंद्रीय गृहमंत्री शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का दौरा प्रस्तावित है। दरअसल, भाजपा पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्व. भैरोंसिंह शेखावत के जन्म शताब्दी वर्ष पर 15 मई को सीकर जिले में उनके पैतृक गांव खाचरियावास में बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है। इसमें दोनों केंद्रीय मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के मुताबिक, 12 मई से शेखावत की जन्म शताब्दी के कार्यक्रम शुरू होंगे, जो अक्तूबर 2023 तक आयोजित होंगे। 15 मई को शेखावत के जन्म स्थान खाचरियावास में आम सभा होगी।
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पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए सीकर और जयपुर जिले की 27 सीटों पर अपनी कमजोर स्थिति को राजनीतिक रूप से मजबूती देने की कोशिश करेगी। सीकर में कुल आठ सीटें हैं, लेकिन भाजपा के खाते में यहां एक भी सीट नहीं है। वहीं, भाजपा के गढ़ रहे जयपुर जिले की 19 सीटों में से मात्र छह सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि 2013 के चुनाव में 19 में से 16 सीटें भाजपा ने जीती थीं। भैरोंसिंह जन्म शताब्दी वर्ष के तहत भाजपा 23 अक्तूबर को उनके जन्मदिन तक पांच माह में सभी 200 सीटों पर अलग-अलग कार्यक्रम करेगी। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए राजपूत समुदाय को अपने साथ जोड़ने का काम करेगी।
कोटा में बूथ सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे नड्डा
जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मई में कोटा में बूथ सम्मेलन करके संगठन को मजबूती देंगे। हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे की तैयारियों में जुटी हुई है। विधानसभा में उपनेता सतीश पूनिया का कहना है कि पहले भी केंद्रीय नेता राजस्थान प्रवास और दौरे कर चुके हैं। आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं के राजस्थान में प्रवास होंगे। इससे प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं का मनोबल तो बढ़ेगा ही, लेकिन जनता के बीच में भी केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का वर्णन भी होगा।
दरअसल, नड्डा का यह दौरान पिछले साल होना था, लेकिन पहले हिमाचल चुनाव और फिर कर्नाटक के कारण उनका ये दौरा टल गया। अब नड्डा कोटा में हाड़ौती के चारों जिलों के बूथ सम्मेलन को संबोधित करेंगे। हाड़ौती में बूंदी, कोटा, झालावाड़ और बारां जिले आते हैं। इन चारों जिलों में कुल 17 सीटें हैं। बूंदी की तीन सीटों में से दो, कोटा की छह सीटों में से तीन, झालावाड़ की चार सीटों में से चार और बारां की चार सीटों में से एक सीटें भाजपा के कब्जे में हैं। संभाग की कुल 17 सीटों में से भाजपा के पास 10 सीटें हैं, जबकि 2013 के चुनाव में भाजपा के पास 17 में से 16 सीटें जीती थीं।