Rajasthan: कांग्रेस बोली- राजस्थान की 8 करोड़ जनता से हमारा अटूट रिश्ता, किसने फैलाई मैदान छोड़ने की 'अफवाह'
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विस्तार
राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों के लिए 25 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। भाजपा ने इस प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए जमकर मेहनत कर रही है। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता, चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच राजस्थान के मतदाताओं में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मैदान छोड़ दिया है। यानी, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का राजस्थान से कोई ज्यादा सरोकार नहीं रहा। एक तरह से पार्टी ने यहां पर हार मान ली है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव (संगठन), केसी वेणुगोपाल ने कहा, भाजपा द्वारा प्रायोजित एक प्रचार तंत्र राजस्थान में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अफवाहें फैला रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में कई बार चुनाव प्रचार किया है। आगे भी पार्टी के शीर्ष नेता, राजस्थान में पहुंच रहे हैं। राजस्थान के 8 करोड़ लोगों के साथ कांग्रेस पार्टी का एक अटूट रिश्ता है।
केसी वेणुगोपाल ने रविवार को सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में लिखा, 16 नवंबर से कांग्रेस के शीर्ष नेता राजस्थान के चुनाव में जोरदार प्रचार करेंगे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 16 नवंबर से तीन दिन के लिए राजस्थान में रहेंगे, वे कई जगहों पर जनसभाएं करेंगे। इसके बाद राहुल गांधी, चार दिन के लिए वहां रहेंगे। इतना ही नहीं, प्रियंका गांधी तीन दिन के लिए राजस्थान में चुनाव प्रचार करेंगी। कांग्रेस पार्टी के महासचिव (संगठन) का कहना है, राजस्थान में भाजपा द्वारा प्रायोजित प्रचार तंत्र, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की गतिविधियों के बारे में अफवाहें फैला रहा है। पार्टी नेतृत्व के बारे में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि उसे राजस्थान के चुनाव प्रचार में कोई रूचि नहीं है। दूसरी तरफ, भाजपा का प्रचार तंत्र इस बारे में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है कि कैसे पीएम मोदी, मिजोरम में चुनाव प्रचार करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाए।
केसी वेणुगोपाल ने सवाल किया कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर राज्य का दौरा क्यों नहीं किया। यह बेहद अनैतिक और शरारतपूर्ण है कि ये लोग राजस्थान के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हैं। ऐसे लोगों को यह बात याद रखनी चाहिए कि राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राजस्थान में 18 दिन तक चले थे। यात्रा के दौरान लोगों के साथ किए गए संवाद में जो बातें सामने आईं थीं, उन्हें राजस्थान में लागू किया गया है। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, एकजुट होकर काम कर रहे हैं। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी, दोबारा से सत्ता में आ रही है, इसमें कोई संदेह नहीं है।
कांग्रेस पार्टी, शानदार जीत के साथ सत्ता में लौटेगी, क्योंकि राजस्थान के आठ करोड़ लोगों के साथ कांग्रेस का एक अटूट रिश्ता है। वह रिश्ता, दशकों की सार्वजनिक सेवा और क्रांतिकारी शासन द्वारा बना है। कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में सात गारंटियों की घोषणा की है। कोई संदेह नहीं है कि हम शानदार जीत के साथ सत्ता में लौटेंगे - क्योंकि कांग्रेस का राजस्थान की 8 करोड़ जनता के साथ अटूट, मजबूत रिश्ता है। एक ऐसा बंधन जो दशकों की सार्वजनिक सेवा और क्रांतिकारी शासन द्वारा बना है।