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Hindi News ›   India News ›   Railways needs more players to install Project Kavach on entire network in five years new target rail accident

Railway: 78000 किमी का ट्रैक और 18000 इंजन... रेल हादसों पर लगाम लगाने के लिए कवच प्रोजेक्ट को मिला नया लक्ष्य

Thu, 13 Nov 2025 08:59 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 13 Nov 2025 08:59 PM IST
सार

Indian Railway On Kavach Project: भारतीय रेलवे ने कवच प्रोजेक्ट को लेकर लक्ष्य घटाकर पांच साल कर दिया है। कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड को दक्षिण मध्य रेलवे के 53 किमी रूट पर कवच लगाने का ट्रायल ऑर्डर मिला है। कंपनी ने कहा कि देश में 78,000 किमी ट्रैक और 18,000 इंजनों पर कवच इंस्टॉल किया जाना है।

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Railways needs more players to install Project Kavach on entire network in five years new target rail accident
भारतीय रेलवे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : बीएलडब्ल्यू

विस्तार

रेल हादसों को रोकने के लिए भारतीय रेलवे ने कवच प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ा दी है। अब इस स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को अगले पांच साल में पूरे देश के रेल नेटवर्क पर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड ने कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर कवच लगाने के लिए अधिक कंपनियों की जरूरत होगी।

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कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड को हाल ही में दक्षिण मध्य रेलवे के 53 किलोमीटर लंबे रूट पर कवच लगाने का फील्ड ट्रायल ऑर्डर मिला है। यह सिस्टम लोको पायलट की गलती से अगर ट्रेन निर्धारित गति सीमा पार करती है, तो स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देता है। कंपनी को तकनीकी मंजूरी भी मिल गई है, जिससे वह देशभर के रेलवे जोनों में जारी कवच टेंडर में भाग ले सकेगी।
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रेल सुरक्षा पर सरकार का फोकस
कॉनकॉर्ड के संयुक्त प्रबंध निदेशक गौरव लाठ के अनुसार, पहले कवच इंस्टॉलेशन 2035 तक पूरा करने की योजना थी, लेकिन हाल के रेल हादसों के बाद सरकार ने इसे पांच साल में पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि देश में करीब 78,000 किलोमीटर रेल ट्रैक और 18,000 इंजन हैं, जिन पर कवच लगना है। यह लगभग 45,000 करोड़ रुपये का बाजार बनाता है।
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ट्रायल और तकनीकी प्रक्रिया
रेल मंत्रालय के मुताबिक, कवच एक स्वदेशी तकनीक है, जिसका पहला ट्रायल फरवरी 2016 में शुरू हुआ था। कॉनकॉर्ड को 53 किमी ट्रैक पर 5,000 लोको किलोमीटर का ट्रायल पूरा करना है। लाठ ने कहा कि यह ट्रायल सर्वश्रेष्ठ स्थिति में 31 दिनों में और अधिकतम कुछ महीनों में पूरा किया जा सकता है। कंपनी ने हाल ही में फ्यूजन इलेक्ट्रॉनिक्स का अधिग्रहण भी किया है, ताकि रेलवे टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।

भविष्य की संभावना और उद्योग भागीदारी
लाठ ने बताया कि कवच सिस्टम की पूरी आर्किटेक्चर इंटरऑपरेबिलिटी को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि विभिन्न कंपनियों के प्रोटोकॉल आपस में जुड़ सकें। इससे देशभर में कवच का एकीकृत उपयोग संभव होगा। कॉनकॉर्ड का मानना है कि अधिक कंपनियों की भागीदारी, तेज निष्पादन और तकनीकी विस्तार से भारत अगले पांच साल में कवच की राष्ट्रीय तैनाती के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

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