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Railways: सीबीआई ने रिश्वत रैकेट का किया खुलासा, तीन अधिकारियों समेत पांच गिरफ्तार
Mon, 01 Aug 2022 11:03 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:03 PM IST
सार
रिश्वत रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन रेलवे के अधिकारी हैं। इस दौरान 46.50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
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मध्य पूर्व रेलवे में रिश्व रैकेट का खुलासा
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) में रिश्वत रैकेट का खुलासा किया है। मामला माल ढुलाई रैक के तरजीही आवंटन से जुड़ा है। रिश्वत रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन रेलवे के अधिकारी हैं। इस दौरान 46.50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
सीबीआई ने इस मामले में पटना, सोनपुर, हाजीपुर, समस्तीपुर और कोलकाता समेत 16 ठिकानों पर छापे मारे थे। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के अधिकारियों में ईसीआर में मुख्य माल परिवहन प्रबंधक के पद पर तैनात संजय कुमार (1996 बैच), समस्तीपुर में तैनात रूपेश कुमार (2011 बैच) और सोनपुर में तैनात सचिन मिश्रा (2011 बैच) शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर माल लदान के लिए रेलवे रैक के तरजीही आवंटन के लिए ईसीआर विक्रेताओं से नियमित रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने कोलकाता स्थित आभा एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नवल लधा और मनोज कुमार साहा नामक एक व्यक्ति को भी मामले में गिरफ्तार किया है।
एफआईआर में आरोप है कि लधा ने मनोज और बजरंग को 30 जुलाई को 23.5 लाख रुपये पटना, सोनपुर और समस्तीपुर अलग-अलग लिफाफे में भेजने को कहा था।
दो लिफाफों में छह-छह लाख और एक लिफाफे में 5 लाख रुपये और अन्य में तीन लाख, 2.75 लाख, 50,000 और 25,000 रुपये थे जो ईसीआर के विभिन्न अधिकारियों को देने थे।
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अधिकारियों को ये पैसे 16 जुलाई को देने थे मगर संजय कुमार ने लधा को कहा था कि वह उस दिन नहीं रहेंगे।
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सीबीआई ने इस मामले में पटना, सोनपुर, हाजीपुर, समस्तीपुर और कोलकाता समेत 16 ठिकानों पर छापे मारे थे। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के अधिकारियों में ईसीआर में मुख्य माल परिवहन प्रबंधक के पद पर तैनात संजय कुमार (1996 बैच), समस्तीपुर में तैनात रूपेश कुमार (2011 बैच) और सोनपुर में तैनात सचिन मिश्रा (2011 बैच) शामिल हैं।
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क्या है पूरा मामला?
उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर माल लदान के लिए रेलवे रैक के तरजीही आवंटन के लिए ईसीआर विक्रेताओं से नियमित रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने कोलकाता स्थित आभा एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नवल लधा और मनोज कुमार साहा नामक एक व्यक्ति को भी मामले में गिरफ्तार किया है।
एफआईआर में आरोप है कि लधा ने मनोज और बजरंग को 30 जुलाई को 23.5 लाख रुपये पटना, सोनपुर और समस्तीपुर अलग-अलग लिफाफे में भेजने को कहा था।
दो लिफाफों में छह-छह लाख और एक लिफाफे में 5 लाख रुपये और अन्य में तीन लाख, 2.75 लाख, 50,000 और 25,000 रुपये थे जो ईसीआर के विभिन्न अधिकारियों को देने थे।
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अधिकारियों को ये पैसे 16 जुलाई को देने थे मगर संजय कुमार ने लधा को कहा था कि वह उस दिन नहीं रहेंगे।