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Hindi News ›   India News ›   Railway Minister Suresh Prabhu on Friday said efforts were on to ensure good quality food

ट्रेनों में खानपान की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : सुरेश प्रभु

Wed, 22 Mar 2017 04:23 AM IST
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह Updated Wed, 22 Mar 2017 04:23 AM IST
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Railway Minister Suresh Prabhu on Friday said efforts were on to ensure good quality food
- फोटो : Getty
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। मुसाफिरों की खाने से जुड़ी किसी तरह की शिकायत बर्दाश्त नहीं होगी। रेल मंत्री मंगलवार को रेलवे में खाने की गुणवत्ता में सुधार के मसले पर रेल भवन में बुलाई गई राउंड टेबल बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, खान-पान से जुड़ी सरकारी एजेंसियों के अधिकारी व विशेषज्ञ मौजूद थे।
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रेल मंत्री ने बताया कि खाने की गुणवत्ता बरकरार रखने के मकसद से ही नई कैटरिंग पॉलिसी बनाई गई है। इसमें खाना बनाने से लेकर यात्रियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास होगी। वहीं, भारतीय रेल खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा। प्रभु ने दो-टूक शब्दों में कहा कि अभी तक जिस तरह खाना बनता है, उसे देखने से खाने की इच्छा ही खत्म हो जाएगी। 
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इसी वजह से मंत्रालय ने फैसला लिया है कि यात्रियों को गर्म व ताजा खाना दिया जाए। इसके लिए तैयार खाना अधिकतम दो घंटे के भीतर परोसना होगा। उन्होंने कहा कि पहले जिस कंपनी को खानपान का ठेका दिया गया था, उसमें काफी शिकायतें आती थीं, लेकिन नई पॉलिसी में ज्यादा से ज्यादा बेस किचन बनेंगे। यहां बने खाने को हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े पेशेवर ट्रेनों में परोसेंगे।
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बैठक में गुणवत्ता पूर्ण खाना परोसने पर चर्चा हुई। इसमें नई पॉलिसी लागू करने का मसौदा तैयार किया गया। वहीं, विशेषज्ञों के बेहतर सलाह पर काम करने की सहमति भी बनी। इसके अलावा मुसाफिरों को ताजा खाना देने की रणनीति भी बनाई गई। बता दें कि रेलवे रोजाना 11 लाख लोगों को खाना परोसता है। करीब 90 प्रतिशत मोबाइल कैटरिंग और 96 प्रतिशत स्टेशनों और प्लेटफॉर्म की फूड शॉप प्राइवेट लाइसेंस धारियों के पास होती है। अभी तक लाइसेंस लेने की प्रक्रिया काफी जटिल है। वहीं, मुसाफिरों की भी गुणवत्ता से जुड़ी ढेरों शिकायतें रहती हैं। रेल मंत्रालय की नई पॉलिसी में इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है।
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