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Railway: सेवक-रंगपो नई रेल लिंक परियजोना में मील का पत्थर, टनल संख्या टी-3 का खनन का काम पूरा
Tue, 29 Aug 2023 07:52 PM IST
स्वप्निल शशांक
एन. अर्जुन, गुवाहाटी
एन. अर्जुन, गुवाहाटी
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 29 Aug 2023 07:52 PM IST
सार
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने अमर उजाला को बताया कि मुख्य टनल की लंबाई 1275 मीटर है, जो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में काजीझोरा और स्वेतीझोरा के बीच स्थित है।
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सेवक-रंगपो रेल परियोजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने एक और कामयाबी अपने नाम कर लिया है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला स्थित सेवक-रंगपो रेल परियोजना (एसआरआरपी) के टनल संख्या टी-03 का काम पूरा हो गया है। यह सफलता हासिल कर एक बड़ा माइलस्टोन स्थापित किया। इस टनल की सफलता के साथ, इस प्रोजेक्ट में अब तक सात टनलों में खनन कार्य पूरा हो गया है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने अमर उजाला को बताया कि मुख्य टनल की लंबाई 1275 मीटर है, जो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में काजीझोरा और स्वेतीझोरा के बीच स्थित है। मुख्य टनल निम्न हिमालय की अतिसंवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय और भूकंपीय स्थितियों से होकर गुजरती है। इस टनल के निर्माण के दौरान मीथेन गैस का उत्सर्जन एक बड़ी चुनौती थी।
कार्य के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा उपाय के रूप में मीथेन गैस का नियमित परीक्षण किया गया। एसआरआरपी में अन्य सभी टनलों की तरह, भू-द्रव्यमान की भेद्यता का मुकाबला करने के लिए, नवीनतम और सबसे परिष्कृत टनलिंग तकनीक यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड या एनएटीएम का उपयोग यहां किया गया है। इस परियोजना में टनल डिजाइन के लिए एक अमेरिकी कंसल्टेंसी टीम को लगाया गया है और निष्पादन टीम में भारत और विदेश के शीर्ष श्रेणी एवं बेहतर अनुभवी इंजीनियर और भूवैज्ञानिक शामिल हैं।
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डे ने बताया कि सेवक-रंगपो परियोजना ने पहले ही 57% की भौतिक प्रगति हासिल की है। सेवक (पश्चिम बंगाल) और रंगपो (सिक्किम) को जोड़ने वाली यह नई रेल लिंक परियोजना लगभग 45 किलोमीटर लंबी है और 14 टनल, 17 पुल और 5 स्टेशन इसकी विशेषता है। सबसे लंबी टनल (टी-10) की लंबाई 5.3 किमी है और सबसे लंबे पुल (ब्रिज-17) की लंबाई 425 मीटर है। संपूर्ण परियोजना में से करीब 38 किलोमीटर टनल से होकर गुजरेगी। टनल निर्माण का 83% कार्य पूरा हो चुका है। टनल खनन जनवरी, 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सब्यसाची वर्तमान में टनल टी-14 में अंतिम लाइनिंग पूरी हो चुकी है और टनल टी-02, टी-05, टी-09, टी-10, टी-11 और टी-12 प्रगति पर है। अब तक कुल 5.34 किमी लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है और यह सितंबर, 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है। सभी खंडों में चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है।
यह भारत में चल रही प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में से एक है और इस परियोजना के पूर्ण होने पर, पहली बार सिक्किम राज्य रेलवे से जुड़ जाएगा। इस रेल नेटवर्क के पूरा करने का उद्देश्य सिक्किम राज्य को वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करना है। वर्तमान में परियोजना को पूरा करने के लिए सुरंगों, पुलों और स्टेशन यार्डों के निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने अमर उजाला को बताया कि मुख्य टनल की लंबाई 1275 मीटर है, जो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में काजीझोरा और स्वेतीझोरा के बीच स्थित है। मुख्य टनल निम्न हिमालय की अतिसंवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय और भूकंपीय स्थितियों से होकर गुजरती है। इस टनल के निर्माण के दौरान मीथेन गैस का उत्सर्जन एक बड़ी चुनौती थी।
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कार्य के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा उपाय के रूप में मीथेन गैस का नियमित परीक्षण किया गया। एसआरआरपी में अन्य सभी टनलों की तरह, भू-द्रव्यमान की भेद्यता का मुकाबला करने के लिए, नवीनतम और सबसे परिष्कृत टनलिंग तकनीक यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड या एनएटीएम का उपयोग यहां किया गया है। इस परियोजना में टनल डिजाइन के लिए एक अमेरिकी कंसल्टेंसी टीम को लगाया गया है और निष्पादन टीम में भारत और विदेश के शीर्ष श्रेणी एवं बेहतर अनुभवी इंजीनियर और भूवैज्ञानिक शामिल हैं।
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डे ने बताया कि सेवक-रंगपो परियोजना ने पहले ही 57% की भौतिक प्रगति हासिल की है। सेवक (पश्चिम बंगाल) और रंगपो (सिक्किम) को जोड़ने वाली यह नई रेल लिंक परियोजना लगभग 45 किलोमीटर लंबी है और 14 टनल, 17 पुल और 5 स्टेशन इसकी विशेषता है। सबसे लंबी टनल (टी-10) की लंबाई 5.3 किमी है और सबसे लंबे पुल (ब्रिज-17) की लंबाई 425 मीटर है। संपूर्ण परियोजना में से करीब 38 किलोमीटर टनल से होकर गुजरेगी। टनल निर्माण का 83% कार्य पूरा हो चुका है। टनल खनन जनवरी, 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सब्यसाची वर्तमान में टनल टी-14 में अंतिम लाइनिंग पूरी हो चुकी है और टनल टी-02, टी-05, टी-09, टी-10, टी-11 और टी-12 प्रगति पर है। अब तक कुल 5.34 किमी लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है और यह सितंबर, 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है। सभी खंडों में चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है।
यह भारत में चल रही प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में से एक है और इस परियोजना के पूर्ण होने पर, पहली बार सिक्किम राज्य रेलवे से जुड़ जाएगा। इस रेल नेटवर्क के पूरा करने का उद्देश्य सिक्किम राज्य को वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करना है। वर्तमान में परियोजना को पूरा करने के लिए सुरंगों, पुलों और स्टेशन यार्डों के निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।