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मजदूरों से किराये के मुद्दे पर सोनिया-सुब्रमण्यम ने सरकार को घेरा, रेलवे ने दी सफाई

Mon, 04 May 2020 11:52 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 04 May 2020 11:52 AM IST
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railway gave clarification on charging ticket fare from migrant workers says providing free food and water
रेलवे प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनों का संचालन कर रहा है - फोटो : PTI

लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलने को लेकर रेलवे की काफी आलोचना हो रही है। अब इसपर उसने सफाई दी है। रेलवे का कहना है कि वह मजदूरों को टिकट नहीं बेच रहा है। रेलवे ने बताया कि वह अब तक 34 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर चुका है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने सोमवार को कहा, 'रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है जो रेलवे की कुल लागत का महज 15 प्रतिशत है। रेलवे किसी भी प्रवासी को टिकट नहीं बेच रहा है और राज्यों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार ही यात्रियों को यात्रा करने दे रहा है।' 

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सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के बीच वह अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में 34 श्रमिक ट्रेनों का संचालन कर चुका है। वह सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस कठिन समय में गरीब लोगों को आरामदायक यात्रा मुहैया करवा रहा है।
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मंत्रालय ने कहा कि वह प्रवासियों को मुफ्त खाना और बोतलबंद पानी उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने कहा, 'हम श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं और सामाजिक दूरी को बनाए रखते हुए हर कोच में बर्थ को खाली रख रहे हैं। गंतव्य से ट्रेनें खाली वापस आ रही हैं। रेलवे प्रवासियों को मुफ्त खाना और बोतलबंद पानी मुहैया करवा रहा है।'

सोनिया बोलीं- हम उठाएंगे प्रवासी मजदूरों का टिकट खर्च
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, 'कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी।'

राहुल बोले- गुत्थी सुलझाइए
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए।' 
 

नमस्ते ट्रंप पर 100 करोड़ रु खर्च किए तो फिर मजदूरों के लिए मुफ्त रेल यात्रा क्यों नहीं: प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि जब नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो फिर संकट के समय मजदूरों को मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा सकती?

उन्होंने ट्वीट किया, 'मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। मगर आज वे दर दर की ठोकर खा रहे हैं। यह पूरे देश के लिए आत्मपीड़ा का कारण है। जब हम विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्री पीएम केयर्स कोष में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर मजदूरों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि वह घर लौटने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी।'

 

रेलवे ने प्रवासी कामगारों के लिए किराये में 85 फीसदी सब्सिडी दीः भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि रेलवे ने प्रवासी कामगारों को ले जाने के लिए चलाई जा रही विशेष ट्रेनों के टिकट के किराये में 85 प्रतिशत की सब्सिडी दी है और शेष 15 फीसदी किराया राज्य सरकार को देना होगा। पार्टी की यह प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर हमला करने के बाद आई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि संबंधित राज्य सरकार भी टिकट के लिए भुगतान कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार यह कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वह कांग्रेस शासित राज्यों को भी ऐसा ही करने को कहें। पात्रा ने ट्वीट किया, 'राहुल गांधी जी मैंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश संलग्न किए है, जिसमें साफ-साफ लिखा है किसी भी स्टेशन पर कोई भी टिकट नहीं बेचा जाएगा। रेलवे ने 85 प्रतिशत की सब्सिडी दी है और राज्य सरकारें 15 फीसदी का भुगतान करेंगी। राज्य सरकार टिकट के पैसों का भुगतान कर सकती हैं (मध्य प्रदेश सरकार भुगतान कर रही है)। कांग्रेस शासित राज्यों से ऐसा ही करने के लिए कहिए।'

सुब्रमण्यम बोले- पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए किराया
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, 'यह भारत सरकार की कैसी नैतिकता है कि वह भूखे-प्यासे प्रवासी मजदूरों से उनकी यात्रा का शुल्क वसूल कर रही है। एयर इंडिया विदेश में फंसे भारतीयों को मुफ्त में वापस लेकर आई। यदि रेलवे मजदूरों का किराया देने से मना करती है तो इसे पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए।'

उद्धव ठाकरे ने टिकट का किराया न लेने का अनुरोध किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी केंद्र से अनुरोध किया है कि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान ट्रेन से अपने गृह स्थान की यात्रा करने वाले प्रवासी कामगारों से किराया न लें। ठाकरे ने केंद्र को भेजे गए एक पत्र में रविवार देर रात कहा कि राज्य के विभिन्न केंद्रों में 40 दिनों तक करीब पांच लाख प्रवासी कामगारों को खाना और रहने की जगह दी गई और अब उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए अपने घर जाने की इच्छा व्यक्त की है।
 
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