राहुल ने ट्विटर पर की भाईचारे की बात तो मंत्री ने पूछा 1984 का हाल
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने सद्भावना और भाईचारे की बात कही थी। अपने ट्वीट में राहुल ने दिल्ली के यशपाल सक्सेना और पश्चिम बंगाल के इमाम रशीदी के बयानों का जिक्र किया है। दोनों ने ही सांप्रदायिक हिंसा में अपने बेटों को खो दिया था। राहुल ने कहा- अपने बेटों को नफरत और सांप्रदायिकता के कारण खोने के बाद यशपाल सक्सेना और इमाम रशीदी के संदेश ये दिखाते हैं कि हिन्दुस्तान में हमेशा प्यार नफरत को हराएगा। कांग्रेस की नींव भी करुणा और आपसी भाईचारे पर टिकी है। हम नफरत फैलाने वाली BJP/RSS की विचारधारा को जीतने नहीं देंगे।
राहुल के ट्वीट पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने जवाब देते हुए कांग्रेस प्रमुख और उनकी पार्टी को 1984 में हुए सिख दंगों की याद दिलाई। उन्होंने ट्वीट कर कहा- देश ने कांग्रेस का प्यार और भाईचारा अक्टूबर और नवंबर के महीने में साल 1984 में देखा था। जब हजारों निर्दोष सिखों को मार दिया गया था। कांग्रेस करुणा और आपसी भाईचारे के बारे में बात कर रही है। ऐसा लग रहा है कि कोई पहले ही अप्रैल फूल डे मना रहा है।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार लगभग पूरे भारत में 2,800 सिख मारे गए थे। जिसमें केवल 2100 दिल्ली में मारे गए थे। यह हत्या उस समय प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी को उनके अंगरक्षकों द्वारा गोली मारने के बाद पनपी थी। इससे पहले अपने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष में भाजपा और आरएसएस पर नफरत की विचारधारा फैलाने का आरोप लगाया था।
दिल्ली के यशपाल सक्सेना के बेटे अंकित सक्सेना की 1 फरवरी को उसकी गर्लफ्रेंड के परिवार ने हत्या कर दी थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार महिला का परिवार दोनों के रिश्ते खिलाफ था क्योंकि दोनों अलग-अलग धर्म से ताल्कुल रखते थे। उन्होंने दोनों से इस रिश्ते को खत्म करने के लिए कहा था। सक्सेना ने अपने बेटे की मौत पर राजनीति ना करने की अपील की थी। वहीं 25 मार्च को राम नवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल में निकाले गए जुलूस के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में इमाम रशिदी के 16 साल के बेटे की हत्या कर दी गई थी। बंगाल के कई क्षेत्रों में हिंसा भड़क गई थी जिसमें तीन लोगों की मौत होने के साथ ही कई लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद से इलाके में धारा 144 लागू की गई है। इसके अलावा इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।
The country saw the ‘love’ and ‘brotherhood’ of the Congress in October and November 1984 when thousands of innocent Sikhs were massacred.
— Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) March 31, 2018
Congress talking about ‘करुणा’ and ‘आपसी भाईचारा’…looks like someone is celebrating April Fools Day already! https://t.co/tSYLcvb9nJ
अपने बेटों को नफरत और सम्प्रदायिकता के कारण खोने के बाद यशपाल सक्सेना और इमाम रशीदी के संदेश ये दिखाते हैं कि हिन्दुस्तान में हमेशा प्यार नफरत को हराएगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 31, 2018
कांग्रेस की नींव भी करुणा और आपसी भाईचारे पर टिकी है। हम नफरत फैलाने वाली BJP/RSS की विचारधारा को जीतने नहीं देंगे। pic.twitter.com/5smEqBm8gK