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Punjab: पंजाब में लोगों की जान बचा रही सड़क सुरक्षा फोर्स, AI तकनीक बनी मददगार

Fri, 01 Aug 2025 07:41 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंढीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंढीगढ़ Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 01 Aug 2025 07:41 PM IST
सार

पंजाब की सड़क सुरक्षा फोर्स ने अब तक 35,000 से अधिक लोगों की जान बचाई है। जनवरी 2024 में शुरू हुई इस फोर्स की टीमें राज्य भर में हर 30 किमी पर तैनात हैं। हाईटेक उपकरणों और महिला कर्मियों से लैस यह फोर्स दुर्घटनाओं की सूचना पर 5 से 7 मिनट में पहुंचती है और घायलों को तुरंत सहायता देती है।

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Punjab Road Safety Force saving lives in Punjab AI technology becomes helpful
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सड़क सुरक्षा के लिए एसएसएफ को हरी झंडी दिखाते हुए। - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब में सड़क हादसों में कमी लाने और समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ ने अब तक 35,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाने में सफलता पाई है। राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2024 में शुरू की गई यह विशेष फोर्स अब राज्य की 4100 किलोमीटर लंबी सड़कों पर हर 30 किलोमीटर पर तैनात है और हादसे की सूचना मिलने पर 5 से 7 मिनट में मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने का काम कर रही है।
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इस फोर्स में 28 प्रतिशत महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। ये टीमें टोयोटा हिलक्स और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी हाईटेक गाड़ियों से लैस हैं। फोर्स का दावा है कि समय पर हस्तक्षेप से सैकड़ों परिवारों को अपनों की जान गंवाने से रोका गया है। बीते एक वर्ष में कई गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को तत्काल मदद दी गई, जिससे जानमाल के नुकसान में कमी आई है।
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अपराध नियंत्रण में भी सक्रिय
सड़क सुरक्षा से आगे बढ़कर एसएसएफ ने नशा तस्करी और चोरी की गाड़ियों जैसे आपराधिक मामलों में भी कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 12 ऐसे लोगों को रोका गया है जो आत्महत्या की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा, फोर्स द्वारा रात में अकेले यात्रा कर रहीं महिलाओं, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को सुरक्षित पहुंचाने जैसे काम भी नियमित रूप से किए जा रहे हैं।
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तकनीक के इस्तेमाल से फुर्ती और पारदर्शिता
एसएसएफ आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें स्पीड गन, बॉडी कैमरा, ई-चालान प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कार्रवाई में पारदर्शिता और गति बनी रहती है। यह फोर्स राज्य के कई हिस्सों में सड़क हादसों में स्कूली बच्चों की मौत को रोकने में भी सफल रही है।

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स्वास्थ्य व यातायात क्षेत्र में दिखा असर
फोर्स की सक्रियता से अस्पतालों में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित भर्ती कम हुई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ भी घटा है। बीमा दावों की संख्या में भी कमी आई है। इसके अलावा, राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और पर्यटन में भी बढ़ोतरी देखी गई है। सड़क सुरक्षा से जुड़ा यह प्रयास अब राज्य में स्थायी मॉडल की ओर बढ़ता दिख रहा है।

 
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