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बंगाल: 24 घंटे में 10 मासूमों ने तोड़ा दम, इस अस्पताल में ऐसा क्या हुआ कि एक महीने में चली गई 60 बच्चों की जान
Wed, 26 Aug 2026 06:33 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Wed, 26 Aug 2026 06:33 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज में एक ही दिन में 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अगस्त महीने में अब तक यहां करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है।
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पश्चिम बंगाल में 10 नवजातों की मौत से हड़कंप।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ही दिन 10 नवजातों की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य भवन ने अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की मौत के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 12 अगस्त को जिन 10 नवजातों की मौत हुई, उनमें आठ को गंभीर हालत में जिले के दूसरे अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम से मालदा मेडिकल कॉलेज लाया गया था। दो बच्चों का जन्म मालदा मेडिकल कॉलेज में ही हुआ था। अस्पताल के अधीक्षक प्रसनजीत बर के अनुसार, मृत बच्चों में चार को जन्म के बाद हृदय संबंधी समस्या थी, जबकि दो को सांस लेने में गंभीर परेशानी थी। अन्य बच्चों में भी अलग-अलग जटिलताएं थीं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, अगस्त में अब तक मालदा मेडिकल कॉलेजमें उपचाराधीन करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें 44 बच्चे दूसरे अस्पतालों और नर्सिंग होम से गंभीर हालत में रेफर किए गए थे, जबकि 16 बच्चों का जन्म मालदा मेडिकल कॉलेज में हुआ था। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता से समीक्षा शुरू की है।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चों की हालत पहले से गंभीर थी और उन्हें बचाने के लिए चिकित्सकों ने हरसंभव प्रयास किया। वहीं, एक दिन में 10 नवजातों की मौत और अगस्त में करीब 60 मौतों के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह विस्तृत जांच और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने मांगी पूरी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने मालदा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से नवजातों की मौत का विस्तृत ब्योरा मांगा है। अस्पताल प्रशासन ने प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी है और पूरी रिपोर्ट जल्द भेजने की बात कही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिले के अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम की निगरानी भी बढ़ाई है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 12 अगस्त को जिन 10 नवजातों की मौत हुई, उनमें आठ को गंभीर हालत में जिले के दूसरे अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम से मालदा मेडिकल कॉलेज लाया गया था। दो बच्चों का जन्म मालदा मेडिकल कॉलेज में ही हुआ था। अस्पताल के अधीक्षक प्रसनजीत बर के अनुसार, मृत बच्चों में चार को जन्म के बाद हृदय संबंधी समस्या थी, जबकि दो को सांस लेने में गंभीर परेशानी थी। अन्य बच्चों में भी अलग-अलग जटिलताएं थीं।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, अगस्त में अब तक मालदा मेडिकल कॉलेजमें उपचाराधीन करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें 44 बच्चे दूसरे अस्पतालों और नर्सिंग होम से गंभीर हालत में रेफर किए गए थे, जबकि 16 बच्चों का जन्म मालदा मेडिकल कॉलेज में हुआ था। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता से समीक्षा शुरू की है।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चों की हालत पहले से गंभीर थी और उन्हें बचाने के लिए चिकित्सकों ने हरसंभव प्रयास किया। वहीं, एक दिन में 10 नवजातों की मौत और अगस्त में करीब 60 मौतों के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह विस्तृत जांच और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने मांगी पूरी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने मालदा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से नवजातों की मौत का विस्तृत ब्योरा मांगा है। अस्पताल प्रशासन ने प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी है और पूरी रिपोर्ट जल्द भेजने की बात कही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिले के अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम की निगरानी भी बढ़ाई है।